चंपावत। विद्यालय प्रबंधन की लापरवाही से नंदा गौरा कन्याधन से वंचित रह गईं जीआईसी सुंई की छात्राओं को भी योजना का लाभ मिलेगा। राज्य आंदोलनकारी परिषद के जिला उपाध्यक्ष हिमेश कलखुड़िया ने देहरादून में महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या से मुलाकात कर उनके सामने यह मामला रखा। इस पर मंत्री ने बाल विकास विभाग के निदेशक को तत्काल योजना का लाभ दिए जाने के निर्देश दिए हैं।
वर्ष 2019 में इंटरमीडिएट उत्तीर्ण 15 छात्राओं ने नंदा गौरा कन्या धन योजना के लिए अपने प्रपत्र विद्यालय में जमा किए लेकिन विद्यालय प्रबंधन ने प्रपत्रों को बाल विकास विभाग में जमा करने के बजाए अलमारी में बंद कर रख दिया। एक साल बाद इस बात की जानकारी लगने के बाद अभिभावकों ने डीएम को ज्ञापन सौंप विद्यालय की लापरवाही से छात्राओं को योजना का लाभ नहीं मिलने की शिकायत की। डीएम के निर्देश के बाद विद्यालय प्रबंधन ने अपनी गलती स्वीकारते हुए प्रपत्र बाल विकास विभाग में जमा कर दिए। डीएम ने बाल विकास विभाग के निदेशक को पत्र भेजकर वंचित सभी 15 छात्राओं को योजना का लाभ दिए जाने का आग्रह किया था। तब से अभिभावक लगातार संबंधित विभागों एवं जन प्रतिनिधियों के चक्कर काट रहे हैं। बुधवार को देहरादून पहुंचे हिमेश कलखुड़िया ने मामले को रेखा आर्या के सम्मुख रखा। इसके बाद मंत्री से निदेशक को छात्राओं को शीघ्र योजना का लाभ देने के निर्देश दिए। अभिभावक निर्मल चौबे, राजेंश चौबे, पूर्व प्रधान सुुनीता चतुर्वेदी, विक्रम राम, सुंदर राम, राजेश राम, प्रकाश खर्कवाल, शेखर राम, किशोर चंद्र आदि ने खुशी जताई है।