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गेहूं की सरकारी खरीद कम होने के आसार
Updated Thu, 19 Apr 2018 11:12 PM IST
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बनबसा (चंपावत)।
बमनपुरी स्थित स्ट्रांग फार्म में साधन सहकारी समिति ने गेहूं खरीद केंद्र तो खोल दिया है, लेकिन अब तक कोई किसान अपना गेहूं बेचने खरीद केंद्र नहीं पहुंचा है। इसकी वजह आढ़तियाें द्वारा अधिक दाम देने और खेतों से ही किसानों का गेंहू उठाना बताया जा रहा है। इससे इस बार सरकारी खरीद कम होने के आसार बन रहे हैं।
बनबसा में अभी खेतों में गेहूं की फसल खड़ी है। काफी किसानों की गेहूं की कटाई बाकी है। ऐसे में आढ़ती किसानों से सीधे उनके खेत पर ही संपर्क कर गेहूं खरीदकर ले जा रहे हैं। स्ट्रांग फार्म में बनाए गए खरीद केंद्र के प्रभारी डिगर चंद ने बताया कि कुछ किसानों ने गेहूं केंद्र में तोल के संबंध में जानकारी प्राप्त की है, लेकिन अब तक कोई किसान केंद्र में अपना गेहूं बेचने नहीं पहुंचा है। उन्होंने बताया कि फिलहाल केंद्र में बारदाना और लेबर नहीं है। किसानों के केंद्र में गेहूं लाना शुरू होते ही समिति द्वारा बारदाना और लेबर मंगा ली जाएगी। साधन सहकारी समिति सचिव दीनानाथ वर्मा ने बताया कि इस बार सरकार ने गेहूं का मूल्य 1735 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है, लेकिन आढ़ती किसानों से उनके खेतों पर ही संपर्क कर 1900 से 2000 हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर से नकद भुगतान कर गेहूं खरीद रहे हैं। उधर, बीते दिनों ओलावृष्टि और बारिश से भी गेहूं का उत्पादन कम होने की आशंका है। इन सब हालातों के मद्देनजर इस बार सरकारी खरीद में गिरावट होनी तय है।
बमनपुरी स्थित स्ट्रांग फार्म में साधन सहकारी समिति ने गेहूं खरीद केंद्र तो खोल दिया है, लेकिन अब तक कोई किसान अपना गेहूं बेचने खरीद केंद्र नहीं पहुंचा है। इसकी वजह आढ़तियाें द्वारा अधिक दाम देने और खेतों से ही किसानों का गेंहू उठाना बताया जा रहा है। इससे इस बार सरकारी खरीद कम होने के आसार बन रहे हैं।
बनबसा में अभी खेतों में गेहूं की फसल खड़ी है। काफी किसानों की गेहूं की कटाई बाकी है। ऐसे में आढ़ती किसानों से सीधे उनके खेत पर ही संपर्क कर गेहूं खरीदकर ले जा रहे हैं। स्ट्रांग फार्म में बनाए गए खरीद केंद्र के प्रभारी डिगर चंद ने बताया कि कुछ किसानों ने गेहूं केंद्र में तोल के संबंध में जानकारी प्राप्त की है, लेकिन अब तक कोई किसान केंद्र में अपना गेहूं बेचने नहीं पहुंचा है। उन्होंने बताया कि फिलहाल केंद्र में बारदाना और लेबर नहीं है। किसानों के केंद्र में गेहूं लाना शुरू होते ही समिति द्वारा बारदाना और लेबर मंगा ली जाएगी। साधन सहकारी समिति सचिव दीनानाथ वर्मा ने बताया कि इस बार सरकार ने गेहूं का मूल्य 1735 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है, लेकिन आढ़ती किसानों से उनके खेतों पर ही संपर्क कर 1900 से 2000 हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर से नकद भुगतान कर गेहूं खरीद रहे हैं। उधर, बीते दिनों ओलावृष्टि और बारिश से भी गेहूं का उत्पादन कम होने की आशंका है। इन सब हालातों के मद्देनजर इस बार सरकारी खरीद में गिरावट होनी तय है।
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