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12 गर्भवती महिलाओं को निजी वाहन से अस्पताल पहुंचाया
Updated Sun, 10 Sep 2017 10:55 PM IST
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लोहाघाट (चंपावत)। आपात चिकित्सा सेवा 108 और खुशियों की सवारी के पहिये जाम होने लोग खासे परेशान हैं। इससे दूरदराज के लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है। खुशियों की सवारी के संचालित नहीं होने पर पिछले चार दिनों में ही 12 महिलाओं को निजी वाहनों से लोहाघाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया।
लोहाघाट की 108 आपात सेवा का संचालन छह सितंबर को ठप हो गया था। सेवा का संचालन ठप होने से सबसे अधिक दिक्कतें नेपाल के सीमावर्ती गांवों से लगे लोगों के अलावा बाराकोट विकासखंड के लोगों को हो रही हैं। लोग ज्यादा किराया देकर निजी वाहनों से मरीजों को लोहाघाट अस्पताल लाने को मजबूर हो रहे हैं। लोग निजी वाहनों को किराए में लेकर गर्भवती और अन्य रोगियों को अस्पताल में लाने को मजबूर हैं। 108 आपात सेवा का संचालन ठप होने से पिछले चार दिनों में 12 प्रसव पीड़िताओं को परिजन निजी वाहन से सीएचसी लाए। प्रसव वेदना से पीड़ित संतोला बाराकोट की पार्वती देवी, किमतोली की रेनू देवी, सुतेड़ा चौमेल की मंजू सुतेड़ी, कानाकोट की सुनीता भट्ट, बिसराड़ी की ममता को परिजन निजी वाहन से अस्पताल लाए। रविवार को कोलीढेक गांव से ममता देवी को डिलीवरी के लिए उनके पति हरि और देवर सुनील को 200 रुपये का किराया देकर निजी वाहन से अस्पताल लाना पड़ा।
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निजी वाहन में हुआ शिशु का जन्म
लोहाघाट। 108 आपात सेवा के खराब होने के कारण गरीब तबके के लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। वह कर्ज लेकर निजी वाहनों से रोगियों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचा रहे हैं। एक सितंबर को नेपाल सीमा से लगे चामा मडलक गांव निवासी प्रसव पीड़िता लक्ष्मी देवी पत्नी केदार सिंह को 108 आपात सेवा नहीं मिल पाई। परिजन उसे निजी वाहन से लोहाघाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ला रहे थे। इसी दौरान बीच रास्ते में ही महिला ने बच्चे को जन्म दे दिया। जैसे तैसे परिजनों ने जच्चे-बच्चे को अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार चिकित्सकों ने उनका उपचार किया। शनिवार को आर्थिक रूप से कमजोर सुभाष (13) पुत्र दौलत राम का स्वास्थ्य एकाएक बिगड़ गया। जिसे परिजन अस्पताल लाए। हालत गंभीर देखकर उसे उच्च केंद्र रेफर किया गया। लेकिन वहां के लिए 108 आपात सेवा नहीं मिल पाई। आर्थिक स्थित काफी खराब होने के कारण परिजन को उसे जैसे-तैसे उसे निजी वाहन से उच्च केंद्र ले जाने को मजबूर होना पड़ा।
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नुमाइंदों की चुप्पी से नाराजगी
नागरिकों का कहना है कि 108 आपात सेवा को कॉल लगाने पर उनके द्वारा वाहन खराब होने की जानकारी देकर पल्ला झाड़ा जा रहा है। लोगों ने 108 सेवा ठप पड़ने के बावजूद जन प्रतिनिधियों की चुप्पी पर नाराजगी जताई है।