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बगेड़ी ग्राम पंचायत को भी सड़क सुविधा से जोड़िए हुजूर
Updated Sat, 29 Jul 2017 11:19 PM IST
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चंपावत।
जिले के स्वांला न्याय पंचायत की बगेड़ी ग्राम पंचायत सहित कई राजस्व तोक आजादी के सात दशक बाद भी सड़क सुविधा से वंचित हैं। लोगों की लंबे समय से उठाई जा रही मांग के बावजूद बगेड़ी गांव को सड़क सुविधा से जोड़ने का कोई भी प्रस्ताव तैयार नहीं किया गया है। ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को ज्ञापन भेजकर अपनी व्यथा सुनाई है।
बगेड़ी के सामाजिक कार्यकर्ता पीतांबर जोशी के नेतृत्व में भेजे गए ज्ञापन में कहा गया है कि आज भी गांव के लोगों को सड़क तक पहुंचने के लिए करीब 15 किलोमीटर की पैदल दूरी तय करनी पड़ती है। इस कारण गंभीर रूप से बीमार और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने तक काफी परेशानियाें का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली का खाद्यान्न लेने के साथ ही केंद्र और राज्य सरकार की ओर से चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए भी कई किलोमीटर की दूरी पैदल तय करनी होती है। इस कारण अधिकांश ग्रामीण शासकीय सुविधाओं का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। बगेड़ी के ग्रामीणों को फुरकियाजाला से सुक्टिया तक पांच किमी, सुक्टिया से हैडिंगा तक पांच किमी और हैडिंगा से धौन-दियूरी मार्ग तक पहुंचने के लिए पांच किमी की दूरी पैदल तय करनी होती है। ज्ञापन देने वालों में ग्राम प्रधान प्रेमबल्लभ जोशी, केशव दत्त जोशी, अंबादत्त जोशी, रमेश चंद्र जोशी, सरपंच ईश्वरी दत्त जोशी, शंकर दत्त जोशी आदि ग्रामीण शामिल हैं।
जिले के स्वांला न्याय पंचायत की बगेड़ी ग्राम पंचायत सहित कई राजस्व तोक आजादी के सात दशक बाद भी सड़क सुविधा से वंचित हैं। लोगों की लंबे समय से उठाई जा रही मांग के बावजूद बगेड़ी गांव को सड़क सुविधा से जोड़ने का कोई भी प्रस्ताव तैयार नहीं किया गया है। ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को ज्ञापन भेजकर अपनी व्यथा सुनाई है।
बगेड़ी के सामाजिक कार्यकर्ता पीतांबर जोशी के नेतृत्व में भेजे गए ज्ञापन में कहा गया है कि आज भी गांव के लोगों को सड़क तक पहुंचने के लिए करीब 15 किलोमीटर की पैदल दूरी तय करनी पड़ती है। इस कारण गंभीर रूप से बीमार और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने तक काफी परेशानियाें का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली का खाद्यान्न लेने के साथ ही केंद्र और राज्य सरकार की ओर से चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए भी कई किलोमीटर की दूरी पैदल तय करनी होती है। इस कारण अधिकांश ग्रामीण शासकीय सुविधाओं का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। बगेड़ी के ग्रामीणों को फुरकियाजाला से सुक्टिया तक पांच किमी, सुक्टिया से हैडिंगा तक पांच किमी और हैडिंगा से धौन-दियूरी मार्ग तक पहुंचने के लिए पांच किमी की दूरी पैदल तय करनी होती है। ज्ञापन देने वालों में ग्राम प्रधान प्रेमबल्लभ जोशी, केशव दत्त जोशी, अंबादत्त जोशी, रमेश चंद्र जोशी, सरपंच ईश्वरी दत्त जोशी, शंकर दत्त जोशी आदि ग्रामीण शामिल हैं।
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