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14 जीर्णशीर्ण कमरों के ध्वस्तीकरण की इजाजत मांगी

Fri, 16 Feb 2018 11:01 PM IST
अमर उजाला ब्यूूूूराे चंपावत
अमर उजाला ब्यूूूूराे चंपावत Updated Fri, 16 Feb 2018 11:01 PM IST
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14 graded rooms allowed for the demolition
राधेहरि राजकीय इंटर कॉलेज का जर्जर भवन। - फोटो : अमर उजाला

शिक्षा के मंदिर खतरे की जद में है। ये खतरा किसी आपदा का नहीं, बल्कि भवनों के बेहद पुराने होने से उनका खस्ता हालत होना है। टनकपुर के राधे हरि राजकीय इंटर कॉलेज में इसी खस्ताहालत के चलते इस वक्त सात कमरों पर ताले लटक गए हैं। विद्यालय प्रशासन ने शिक्षा विभाग को पत्र भेजकर करीब 37 वर्ष पूर्व बने भवनों में से जीर्णशीर्ण हो चुके 14 कमरों के ध्वस्तीकरण की इजाजत मांगी है। इसपर जिला शिक्षा विभाग ने निदेशालय से अनुमति देने के साथ ही नए भवन के लिए बजट का आग्रह किया है।

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हाइस्कूल से उच्चीकृत होकर राजकीय इंटर कॉलेज बनने के बाद विद्यालय में 1981 में नए कमरे बनाए गए। कुछ वक्त पहले तक इन कमरों में बाकायदा कक्षाएं संचालित होती थी। मगर अब भवन की बेहद खराब हालत से कक्षाएं दूसरे कमरों में चल रही हैं। 14 पुराने कमरों में से सात पर ताले लटक गए हैं। कमरों की दुर्दशा के चलते मुख्य शिक्षाधिकारी आरसी पुरोहित ने इन कमरों में कक्षाएं नहीं चलाने के आदेश दिए हैं।
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प्रभारी प्रधानाचार्य एडी पंत का कहना है कि सीईओ के आदेश के बाद से सुरक्षागत कारणों से यहां कक्षाएं नहीं चलाई जा रही हैं। पूर्व में इन कमरों की खराब हालत के चलते ध्वस्तीकरण के साथ नए कमरों के निर्माण के लिए भी कॉलेज प्रशासन पत्र भेज चुका है। इस वक्त जीआईसी के 623 छात्रों के लिए अन्य कमरों में शिक्षण की व्यवस्था की गई है।
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