{"_id":"5a1c76ad4f1c1bce408b98e1","slug":"131511814829-champawat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"उम्मीद नहीं जगा पा रही है प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उम्मीद नहीं जगा पा रही है प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
Updated Tue, 28 Nov 2017 02:03 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
चंपावत। पूरे देश में करीब एक साल पहले शुरू हुई प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना पहाड़ के किसानों में खास उम्मीद नहीं जगा पा रही है। योजना का व्यापक प्रचार, प्रसार न होने से किसानों को फसलों के नुकसान पर बीमे का लाभ नहीं मिल पा रहा है जबकि बीमा योजना को लागू किए जाने के दौरान मौसम और फसल की अनिश्चितता के चलते कर्ज के जाल में फंसने वाले किसानों के लिए योजना को बेहद लाभकारी बताया गया था। बात अगर चंपावत जिले की करें तो यहां एक साल बाद भी बीमा योजना की जमीनी हकीकत दावों के ठीक विपरीत है। उद्यान विभाग की ओर से बैंक से कर्ज लेने और बिना कर्ज लेने वाले किसानों के नाम पर विभिन्न फसलों के बीमा के प्रीमियम का भुगतान तो किया जा रहा है लेकिन उद्यान विभाग को लाभार्थियों की संख्या ही पता नहीं है। एडीओ उद्यान जानकी चंद के अनुसार वर्ष 2016-17 में चंपावत जिले में कुल 3195 किसानों की खरीफ की फसलों मिर्च, अदरक, आलू, टमाटर, फ्राशबीन आदि के लिए फसल बीमा करवाया गया था। इसके लिए किसानों की ओर से 75.23 लाख रुपये की प्रीमियम की राशि का भुगतान एग्रीकल्चर इंश्योरेंश कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड को किया गया। प्रीमियम की राशि में राज्य सरकार की ओर से 74 लाख रुपये रुपये से अधिक का अनुदान दिया गया है। डीएचओ एनके आर्या के अनुसार कितने किसानों ने फसल के नुकसान पर बीमा का क्लेम, भुगतान की जानकारी संबंधित बीमा कंपनी के पास ही रहती है।
जानकारी न होने से किसान ठगे जा रहे
चंपावत। प्रगतिशील किसान विक्रम सिंह का कहना है कि फसलों, बागवानी के नुकसान पर संबंधित किसानों को आर्थिक क्षति से बचाने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना सराहनीय है लेकिन पहाड़ के किसानों को इसके बारे में कम जानकारी होने के कारण किसान ठगे जा रहे हैं। बीमा कंपनियां मोटा मुनाफा कमा रही हैं।
बैंक कर्ज लेकर बीमा कराने वाले किसानों का ब्यौरा
फसल किसान बीमित क्षेत्रफल किसान प्रीमियम राज्य अनुदान
मिर्च 20 1.800 हेक्टेयर 5400 -
अदरक 1913 944.46 हेक्टेयर 4722346 3777876
आलू 1233 742.8 हेक्टेयर 2785570 3621236
टमाटर 9 1.700 हेक्टेयर 6375 -
बिना कर्ज फसल बीमा कराने वाले किसानों का ब्यौरा
फसल किसान बीमित क्षेत्रफल किसान प्रीमियम राज्य अनुदान
मिर्च 6 0.200 हेक्टेयर 600 -
फ्रासबीन 1 0.0 20 हेक्टेयर 60 -
अदरक 8 0.520 हेक्टेयर 2600 2080
आलू 1 0.016 हेक्टेयर 60 78
टमाटर 4 0.180 हेक्टेयर 6375 -
जानकारी न होने से किसान ठगे जा रहे
चंपावत। प्रगतिशील किसान विक्रम सिंह का कहना है कि फसलों, बागवानी के नुकसान पर संबंधित किसानों को आर्थिक क्षति से बचाने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना सराहनीय है लेकिन पहाड़ के किसानों को इसके बारे में कम जानकारी होने के कारण किसान ठगे जा रहे हैं। बीमा कंपनियां मोटा मुनाफा कमा रही हैं।
विज्ञापन
बैंक कर्ज लेकर बीमा कराने वाले किसानों का ब्यौरा
फसल किसान बीमित क्षेत्रफल किसान प्रीमियम राज्य अनुदान
मिर्च 20 1.800 हेक्टेयर 5400 -
अदरक 1913 944.46 हेक्टेयर 4722346 3777876
आलू 1233 742.8 हेक्टेयर 2785570 3621236
टमाटर 9 1.700 हेक्टेयर 6375 -
बिना कर्ज फसल बीमा कराने वाले किसानों का ब्यौरा
फसल किसान बीमित क्षेत्रफल किसान प्रीमियम राज्य अनुदान
मिर्च 6 0.200 हेक्टेयर 600 -
फ्रासबीन 1 0.0 20 हेक्टेयर 60 -
अदरक 8 0.520 हेक्टेयर 2600 2080
आलू 1 0.016 हेक्टेयर 60 78
टमाटर 4 0.180 हेक्टेयर 6375 -