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नेपाल सीमा से लगे तामली में लंबे समय से नहीं हो रहा टीकाकरण
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तामली (चंपावत)। नेपाल सीमा से लगे तल्लादेश क्षेत्र के तामली में इस माह टीकाकरण नहीं होने का ग्रामीणों ने आरोप लगाया है। इस संबंध में उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को पत्र भेजा है।
ग्रामीणों का कहना है कि तामली के एएनएम केंद्र में काफी वक्त से एएनएम मौजूद नहीं है। इस कारण अप्रैल में एक बार भी गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं का टीकाकरण नहीं हो सका है। तल्लादेश क्षेत्र के भुवन जोशी, देवेंद्र कुमार सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि यहां के अस्पताल में नियमित रूप से न डॉक्टर की तैनाती है और न ही फार्मासिस्ट की। कभी-कभार दूसरे अस्पताल से डॉक्टर और फार्मासिस्ट आते हैं। इसके चलते लोगों को चिकित्सकीय सुविधा भी अक्सर नहीं मिल पाती है।
यहां एकमात्र स्वास्थ्य पर्यवेक्षक संतोष के जरिए ही अस्पताल की व्यवस्थाएं चल पा रही हैं। लोगों ने स्वास्थ्य विभाग को पत्र भेज नियमित रूप से टीकाकरण और अस्पताल में स्थायी स्टाफ की व्यवस्था करने की मांग की है। ऐसा नहीं होने पर लोकसभा चुनाव की आचार संहिता हटने के बाद आंदोलन की चेतावनी दी है।
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सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी का कहना है कि तामली में लंबे अंतराल बाद इस साल 14 फरवरी को एक एएनएम की तैनाती हुई है लेकिन काफी समय से गैर हाजिर रहने के चलते उनका वेतन रोका गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि यहां के लिए डॉक्टर और फार्मासिस्ट के पदों को भरने के लिए उच्चाधिकारियों से आग्रह किया गया है।
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ग्रामीणों का कहना है कि तामली के एएनएम केंद्र में काफी वक्त से एएनएम मौजूद नहीं है। इस कारण अप्रैल में एक बार भी गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं का टीकाकरण नहीं हो सका है। तल्लादेश क्षेत्र के भुवन जोशी, देवेंद्र कुमार सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि यहां के अस्पताल में नियमित रूप से न डॉक्टर की तैनाती है और न ही फार्मासिस्ट की। कभी-कभार दूसरे अस्पताल से डॉक्टर और फार्मासिस्ट आते हैं। इसके चलते लोगों को चिकित्सकीय सुविधा भी अक्सर नहीं मिल पाती है।
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यहां एकमात्र स्वास्थ्य पर्यवेक्षक संतोष के जरिए ही अस्पताल की व्यवस्थाएं चल पा रही हैं। लोगों ने स्वास्थ्य विभाग को पत्र भेज नियमित रूप से टीकाकरण और अस्पताल में स्थायी स्टाफ की व्यवस्था करने की मांग की है। ऐसा नहीं होने पर लोकसभा चुनाव की आचार संहिता हटने के बाद आंदोलन की चेतावनी दी है।
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सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी का कहना है कि तामली में लंबे अंतराल बाद इस साल 14 फरवरी को एक एएनएम की तैनाती हुई है लेकिन काफी समय से गैर हाजिर रहने के चलते उनका वेतन रोका गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि यहां के लिए डॉक्टर और फार्मासिस्ट के पदों को भरने के लिए उच्चाधिकारियों से आग्रह किया गया है।