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उज्जवला प्लस से नहीं मिला एक भी कनेक्शन
Updated Sat, 31 Mar 2018 11:12 PM IST
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चंपावत। चंपावत जिले को मौजूदा वित्त वर्ष 2017-18 में केरोसिन फ्री बनाने की उम्मीद अधूरी रही। केरोसिन के बजाय रसोई गैस सिलेंडर कनेक्शन उपलब्ध करा इस लक्ष्य को प्राप्त करना था। लेकिन इस वित्त वर्ष तक योजना के अंतर्गत एक भी कनेक्शन जारी नहीं हो सका। इस वजह से पूर्ति विभाग को 9.60 लाख रुपया शासन को समर्पित करना पड़ा।
जिले को केरोसिन मुक्त बनाने के लिए उज्ज्वला प्लस योजना से 2.50 लाख रुपये से कम सालाना आय वाले गैस कनेक्शन रहित लोगों को इस सुविधा से जोड़ा जाना था। इस योजना पर राज्य सरकार प्रति उपभोक्ता 1600 रुपये खर्च कर रही है। गैस संयोजन मिलने के बाद इन लोगों को केरोसिन नहीं दिया जाएगा।
जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल ने बताया कि सर्वेक्षण के बाद 3500 परिवारों को योजना के तहत चिह्नित किया जा चुका है। 800 पत्रावलियां गैस एजेंसियों को भेजी भी गई। गैस एजेंसी के प्रभारी प्रदीप कार्की का कहना है कि धन नहीं मिलने से कनेक्शन की प्रक्रिया शुरू नहीं की जा सकी। इसके चलते पूर्ति विभाग ने वित्त वर्ष के आखिर दिन शासन से मिले 9.60 लाख रुपये को समर्पित किया। जिला पूर्ति अधिकारी ने कहा कि अप्रैल माह से कनेक्शन जारी होने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
जिले को केरोसिन मुक्त बनाने के लिए उज्ज्वला प्लस योजना से 2.50 लाख रुपये से कम सालाना आय वाले गैस कनेक्शन रहित लोगों को इस सुविधा से जोड़ा जाना था। इस योजना पर राज्य सरकार प्रति उपभोक्ता 1600 रुपये खर्च कर रही है। गैस संयोजन मिलने के बाद इन लोगों को केरोसिन नहीं दिया जाएगा।
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जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल ने बताया कि सर्वेक्षण के बाद 3500 परिवारों को योजना के तहत चिह्नित किया जा चुका है। 800 पत्रावलियां गैस एजेंसियों को भेजी भी गई। गैस एजेंसी के प्रभारी प्रदीप कार्की का कहना है कि धन नहीं मिलने से कनेक्शन की प्रक्रिया शुरू नहीं की जा सकी। इसके चलते पूर्ति विभाग ने वित्त वर्ष के आखिर दिन शासन से मिले 9.60 लाख रुपये को समर्पित किया। जिला पूर्ति अधिकारी ने कहा कि अप्रैल माह से कनेक्शन जारी होने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
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