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राजस्व वसूली के लिए आउटसोर्स से नियुक्त होंगे कर्मचारी
Updated Sat, 10 Mar 2018 10:56 PM IST
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चंपावत। वित्तीय वर्ष के अंतिम माह में राजस्व वसूली के लिए तेजी से अभियान चलाया जा रहा है। लेकिन विभाग के पास राजस्व संग्रह अमीन और अनुसेवकों की कमी होने से दिक्कतें पेश आ रही हैं। जिसको देखते हुए अब राजस्व वसूली के लिए आउट सोर्स (बाह्य स्रोत) से कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी।
एसडीएम सदर सीमा विश्वकर्मा ने बताया कि राजस्व वसूली के लिए युवा कल्याण विभाग के प्रशिक्षित प्रांतीय रक्षक दल जवानों की तैनाती के लिए भी मांग भेजी गई है। युवा कल्याण की ओर से प्रशिक्षित पीआरडी जवानों की अनुपलब्धता पर बाह्य स्रोत से कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। वर्तमान में विभिन्न बैंकों की ओर से कर्ज वापस न कर पाने वाले उपभोक्ताओं से वसूली के लिए बड़ी संख्या में मांग पत्र (आरसी) भेजे जा रहे हैं। जिसके अनुरूप विभाग के पास आवश्यक कर्मचारियों की संख्या नहीं है।
बंदीगृह नहीं होने से भी बढ़ रही हैं दिक्कतें
चंपावत। राजस्व विभाग की ओर से बकाएदारों की धरपकड़ का अभियान तो समय समय पर चलाया जाता है। लेकिन बकाएदारों को हिरासत में लेने के बाद उन्हें छोड़ने की मजबूरी होती है। क्योंकि तहसील परिसर में बकाएदारों को रखने के लिए बंदीगृह की सुविधा नहीं है। एसडीएम सदर सीमा विश्वकर्मा के अनुसार तहसील परिसर में वर्षों पूर्व निर्मित बंदीगृह पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। जिनमें बकाएदारों को नहीं रखा जा सकता है।
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एसडीएम सदर सीमा विश्वकर्मा ने बताया कि राजस्व वसूली के लिए युवा कल्याण विभाग के प्रशिक्षित प्रांतीय रक्षक दल जवानों की तैनाती के लिए भी मांग भेजी गई है। युवा कल्याण की ओर से प्रशिक्षित पीआरडी जवानों की अनुपलब्धता पर बाह्य स्रोत से कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। वर्तमान में विभिन्न बैंकों की ओर से कर्ज वापस न कर पाने वाले उपभोक्ताओं से वसूली के लिए बड़ी संख्या में मांग पत्र (आरसी) भेजे जा रहे हैं। जिसके अनुरूप विभाग के पास आवश्यक कर्मचारियों की संख्या नहीं है।
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बंदीगृह नहीं होने से भी बढ़ रही हैं दिक्कतें
चंपावत। राजस्व विभाग की ओर से बकाएदारों की धरपकड़ का अभियान तो समय समय पर चलाया जाता है। लेकिन बकाएदारों को हिरासत में लेने के बाद उन्हें छोड़ने की मजबूरी होती है। क्योंकि तहसील परिसर में बकाएदारों को रखने के लिए बंदीगृह की सुविधा नहीं है। एसडीएम सदर सीमा विश्वकर्मा के अनुसार तहसील परिसर में वर्षों पूर्व निर्मित बंदीगृह पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। जिनमें बकाएदारों को नहीं रखा जा सकता है।
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