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डूब क्षेत्र के लोगों के सुझावों को ड्राफ्ट में शामिल किया जाए
Updated Sun, 08 Oct 2017 10:48 PM IST
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लोहाघाट (चंपावत)।
पंचेश्वर बांध निर्माण एवं विस्थापन संघर्ष समिति ने पंचेश्वर से हंसेश्वर तक पदयात्रा कर पंचेश्वर क्षेत्र के लोगों के साथ नुक्कड़ सभाएं की। बांध के डूब क्षेत्र में आने वाले प्रभावितों की समस्याएं सुनीं और उनके सुझाव लिए। बांध संघर्ष समिति के संयोजक एवं राज्य आंदोलनकारी राजेंद्र भट्ट के नेतृत्व में पंचेश्वर पहुंचे दल ने लोगों की समस्याएं सुनीं। प्रभावितों ने कहा कि अपनी संस्कृति, रीति-रिवाज आदि को छोड़ने का दर्द आसान नहीं है। अगर राष्ट्रहित में उन्हें विस्थापित होना पड़ता है, तो उनकी उचित मांगें भी पूरी होनी चाहिए।
लोगों ने कहा कि बांध प्रभावित क्षेत्र के लोगों की स्थिति सरकार ने स्पष्ट करनी चाहिए कि उन्हें कहां विस्थापित किया जाएगा। कहा गया कि उनके सुझावों को ड्राफ्ट में शामिल करना चाहिए। कहा कि प्रभावितों को जहां पर बसाया जाए, उन तोकों को मूल गांव का नाम दिया जाए, डूब क्षेत्र के ऊपर के गांवों का सही रखरखाव और उचित मुआवजा व रोजगार हो। बांध में अधिक से अधिक स्थानीय लोगों को रोजगार मिले। इस मौके पर पूर्व प्रधान सुभाष रावल, लक्ष्मण सिंह, महेश राम, महेश जोशी, कलावती पंत आदि मौजूद थे।
पंचेश्वर बांध निर्माण एवं विस्थापन संघर्ष समिति ने पंचेश्वर से हंसेश्वर तक पदयात्रा कर पंचेश्वर क्षेत्र के लोगों के साथ नुक्कड़ सभाएं की। बांध के डूब क्षेत्र में आने वाले प्रभावितों की समस्याएं सुनीं और उनके सुझाव लिए। बांध संघर्ष समिति के संयोजक एवं राज्य आंदोलनकारी राजेंद्र भट्ट के नेतृत्व में पंचेश्वर पहुंचे दल ने लोगों की समस्याएं सुनीं। प्रभावितों ने कहा कि अपनी संस्कृति, रीति-रिवाज आदि को छोड़ने का दर्द आसान नहीं है। अगर राष्ट्रहित में उन्हें विस्थापित होना पड़ता है, तो उनकी उचित मांगें भी पूरी होनी चाहिए।
लोगों ने कहा कि बांध प्रभावित क्षेत्र के लोगों की स्थिति सरकार ने स्पष्ट करनी चाहिए कि उन्हें कहां विस्थापित किया जाएगा। कहा गया कि उनके सुझावों को ड्राफ्ट में शामिल करना चाहिए। कहा कि प्रभावितों को जहां पर बसाया जाए, उन तोकों को मूल गांव का नाम दिया जाए, डूब क्षेत्र के ऊपर के गांवों का सही रखरखाव और उचित मुआवजा व रोजगार हो। बांध में अधिक से अधिक स्थानीय लोगों को रोजगार मिले। इस मौके पर पूर्व प्रधान सुभाष रावल, लक्ष्मण सिंह, महेश राम, महेश जोशी, कलावती पंत आदि मौजूद थे।
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