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ओलावृष्टि से बागवानी और फलों को पहुंचा नुकसान
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चंपावत। जिले में ओलावृष्टि के कारण कुछ जगहों पर बागवानी और फलों को नुकसान पहुंचा है। कृषि और उद्यान विभाग की ओर से प्रभावित किसानों को किसी प्रकार की मदद मुहैया नहीं कराई गई है।
जिले के खेतीखान, गोशनी, मानर, पोखरी, खलकड़िया, नरसिंहडांडा, नरियालगांव आदि जगहों पर बीते दिनों हुई ओलावृष्टि से किसानों को काफी नुकसान पहुंचा है। किसानों की ओर से खेतों में बोई गई शिमला मिर्च, बंद गोभी, टमाटर, हरी मिर्च, बैंगन आदि की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है।
जबकि कई जगहों पर सिटरस फलों के अलावा आडू, खुबानी, पुलम, नाशपाती आदि फलों के होने की संभावनाएं खत्म हो गई हैं। जिला उद्यान अधिकारी एनके आर्या के अनुसार ओलावृष्टि से किसानों को हुए नुकसान का जायजा लिया जा रहा है। उन्होंने जिले में हाल में हुई बरसात को आलू की खेती के लिए फायदेमंद बताया है।
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पहली बार देखे 250 ग्राम वजनी ओले
जिले के चौड़ाकोट क्षेत्र में एक सप्ताह पूर्व भयंकर ओलावृष्टि हुई, जिससे बागवानी को नुकसान पहुंचा है। मैंने अपने जीवन में पहली बार 250 ग्राम से अधिक वजन के ओलों को गिरते हुए देखा है। रुद्र सिंह, चौड़ाकोट। फोटो 22 सीपीटी 11 पी।
बरसात और दो-तीन बार ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है। कई जगहों में पालीहाउस क्षतिग्रस्त होने के साथ ही उनमें उगाई जा रही सब्जी-पौधों की नर्सरियां भी नष्ट हो गई हैं। चंद्रमणी, मौराड़ी।
इस बार बरसात आलू किसानों के लिए तो फायदेमंद साबित होगी लेकिन ओलावृष्टि से आडू, खुबानी, पुलम आदि का उत्पादन प्रभावित हो गया है। सभी पेड़ों पर लग रहे फूल और फल पूरी तरह झड़ गए हैं। देवीदत्त, मौराड़ी।
ओलावृष्टि के कारण खेतों में बोई गई आलू की फसल को नुकसान पहुंचा है। आलू के उगे हुए पौधे ओलावृष्टि की मार से खत्म हो चुके हैं। इसका असर आलू के उत्पादन पर पड़ेगा। जसोदा देवी, सुयालखर्क।
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जिले के खेतीखान, गोशनी, मानर, पोखरी, खलकड़िया, नरसिंहडांडा, नरियालगांव आदि जगहों पर बीते दिनों हुई ओलावृष्टि से किसानों को काफी नुकसान पहुंचा है। किसानों की ओर से खेतों में बोई गई शिमला मिर्च, बंद गोभी, टमाटर, हरी मिर्च, बैंगन आदि की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है।
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जबकि कई जगहों पर सिटरस फलों के अलावा आडू, खुबानी, पुलम, नाशपाती आदि फलों के होने की संभावनाएं खत्म हो गई हैं। जिला उद्यान अधिकारी एनके आर्या के अनुसार ओलावृष्टि से किसानों को हुए नुकसान का जायजा लिया जा रहा है। उन्होंने जिले में हाल में हुई बरसात को आलू की खेती के लिए फायदेमंद बताया है।
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जिले के चौड़ाकोट क्षेत्र में एक सप्ताह पूर्व भयंकर ओलावृष्टि हुई, जिससे बागवानी को नुकसान पहुंचा है। मैंने अपने जीवन में पहली बार 250 ग्राम से अधिक वजन के ओलों को गिरते हुए देखा है। रुद्र सिंह, चौड़ाकोट। फोटो 22 सीपीटी 11 पी।
बरसात और दो-तीन बार ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है। कई जगहों में पालीहाउस क्षतिग्रस्त होने के साथ ही उनमें उगाई जा रही सब्जी-पौधों की नर्सरियां भी नष्ट हो गई हैं। चंद्रमणी, मौराड़ी।
इस बार बरसात आलू किसानों के लिए तो फायदेमंद साबित होगी लेकिन ओलावृष्टि से आडू, खुबानी, पुलम आदि का उत्पादन प्रभावित हो गया है। सभी पेड़ों पर लग रहे फूल और फल पूरी तरह झड़ गए हैं। देवीदत्त, मौराड़ी।
ओलावृष्टि के कारण खेतों में बोई गई आलू की फसल को नुकसान पहुंचा है। आलू के उगे हुए पौधे ओलावृष्टि की मार से खत्म हो चुके हैं। इसका असर आलू के उत्पादन पर पड़ेगा। जसोदा देवी, सुयालखर्क।