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अधिकारियों और जवानों के लिए ऑनलाइन मताधिकार की मांग
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बनबसा (चंपावत)। सैनिक और अर्द्धसैनिक बलों के अधिकारियों और जवानों को समय पर मताधिकार का प्रयोग करने की मांग मुखर होने लगी है। इस संबंध में गौरव सेनानी कल्याण समिति अध्यक्ष कै. भानी चंद ने भारत सरकार के मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पत्र भेजा है। पत्र में लिखा है कि मतदान का प्रयोग किया जाना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है लेकिन भारतीय सैनिक, अर्द्धसैनिक और राज्यों के पुलिस एवं अन्य फोर्स कर्मी अपनी ड्यूटी के कारण चुनाव में अपनी भागेदारी नहीं निभा पाते हैं।
कई बार समय पर पोस्टल बैलेट प्राप्त न होने से उक्त जवान मतदान से वंचित रह जाते हैं। उन्होंने लिखा है कि अपने सेना और डीएससी में करीब 38 वर्ष के सेवाकाल के दौरान वह दो बार ही मतदान का प्रयोग कर पाए हैं। उन्होंने सैनिक, अर्द्धसैनिक बल, पुलिस के अलावा अन्य बलों के अधिकारियों और कर्मियों के लिए ऑनलाइन मताधिकार की व्यवस्था करने की मांग की है। पत्र की प्रतियां प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्रालय, उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी, मुख्यमंत्री को भी भेजी हैं।
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कई बार समय पर पोस्टल बैलेट प्राप्त न होने से उक्त जवान मतदान से वंचित रह जाते हैं। उन्होंने लिखा है कि अपने सेना और डीएससी में करीब 38 वर्ष के सेवाकाल के दौरान वह दो बार ही मतदान का प्रयोग कर पाए हैं। उन्होंने सैनिक, अर्द्धसैनिक बल, पुलिस के अलावा अन्य बलों के अधिकारियों और कर्मियों के लिए ऑनलाइन मताधिकार की व्यवस्था करने की मांग की है। पत्र की प्रतियां प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्रालय, उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी, मुख्यमंत्री को भी भेजी हैं।
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