{"_id":"5b61e7e54f1c1b6f668b6ac7","slug":"101533143013-champawat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"टनकपुर-जौलजीबी मार्ग निर्माण लटका, समयावधि 29 जून को खत्म","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टनकपुर-जौलजीबी मार्ग निर्माण लटका, समयावधि 29 जून को खत्म
Updated Wed, 01 Aug 2018 10:33 PM IST
विज्ञापन
टनकपुर (चंपावत)। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सीमांत क्षेत्र में निर्माणाधीन टनकपुर-जौलजीबी मोटर मार्ग निर्माण की समयावधि पूर्ण हो चुकी है। कार्यदायी ठेकेदार कंपनी अब तक पचास प्रतिशत काम भी पूरा नहीं कर पाई है। इससे इस मार्ग के जल्द पूर्ण होने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। अब कार्यदायी कंपनी ने विभाग से समयावधि बढ़ाने का आग्रह किया है।
भारत-नेपाल सीमा पर शारदा किनारे टनकपुर-जौलजीबी मार्ग का निर्माण दिसंबर 2016 को शुरू हुआ था। इसके लिए शासन ने अलग से परियोजना क्रियान्वयन इकाई (पीआईयू) विभाग गठित किया है। ठुलीगाड़ किमी 12 से रूपालीगाड़ किमी 55 तक करीब 42 किमी लंबी सड़क का निर्माण 190 करोड़ रुपये की लागत से होना है। किमी 12 से किमी 29.875 चल्थी नदी तक का निर्माण कार्य ठेकेदार कंपनी आरजीबी को आवंटित हुआ।
टेंडर की शर्तों के मुताबिक इस हिस्से का निर्माण कार्यदायी ठेकेदार कंपनी को 29 जून 2018 को पूरा करना था, लेकिन निर्माण की सुस्त गति से अब तक पचास प्रतिशत काम भी पूरा नहीं हो पाया है, जबकि निर्माण के लिए तय समयावधि 29 जून को ही खत्म हो चुकी है। सड़क के तीसरे हिस्से का निर्माण (किमी 30.650 से किमी 55 रूपालीगाड़ तक) कार्य ठेका आवंटन में हुई अनियमितता उजागर होने पर ठेका रद्द होने से अधर में लटका हुआ है। विभाग द्वारा ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। ठेका आवंटन में अनियमितता का यह मामला देहरादून जिला न्यायालय में विचाराधीन है।
विज्ञापन
विज्ञापन
भारत-नेपाल सीमा पर शारदा किनारे टनकपुर-जौलजीबी मार्ग का निर्माण दिसंबर 2016 को शुरू हुआ था। इसके लिए शासन ने अलग से परियोजना क्रियान्वयन इकाई (पीआईयू) विभाग गठित किया है। ठुलीगाड़ किमी 12 से रूपालीगाड़ किमी 55 तक करीब 42 किमी लंबी सड़क का निर्माण 190 करोड़ रुपये की लागत से होना है। किमी 12 से किमी 29.875 चल्थी नदी तक का निर्माण कार्य ठेकेदार कंपनी आरजीबी को आवंटित हुआ।
विज्ञापन
टेंडर की शर्तों के मुताबिक इस हिस्से का निर्माण कार्यदायी ठेकेदार कंपनी को 29 जून 2018 को पूरा करना था, लेकिन निर्माण की सुस्त गति से अब तक पचास प्रतिशत काम भी पूरा नहीं हो पाया है, जबकि निर्माण के लिए तय समयावधि 29 जून को ही खत्म हो चुकी है। सड़क के तीसरे हिस्से का निर्माण (किमी 30.650 से किमी 55 रूपालीगाड़ तक) कार्य ठेका आवंटन में हुई अनियमितता उजागर होने पर ठेका रद्द होने से अधर में लटका हुआ है। विभाग द्वारा ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। ठेका आवंटन में अनियमितता का यह मामला देहरादून जिला न्यायालय में विचाराधीन है।
विज्ञापन