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किरोड़ा समेत रोखड़ों में खनन का विरोध तेज
Updated Thu, 10 May 2018 11:13 PM IST
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टनकपुर (चंपावत)।
थ्वालखेड़ा के ग्रामीणों ने रोखड़ों से खनन का विरोध तेज कर दिया है। उन्होंने एसडीएम की ओर से 14 मई को बुलाई गई बैठक का बहिष्कार करते हुए कहा है कि यदि रोखड़ों से खनन नहीं रोका गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
थ्वालखेड़ा के ग्रामीणों ने किरोड़ा नाले को चैनलाइज करने के साथ ही खनन का भी विरोध किया था। उनका आरोप था कि नेताओं और उनके चहेतों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से शासन-प्रशासन टनकपुर के 12 हजार ग्रामीणों की अनदेखी कर रहा है। ग्रामीणों ने इस बाबत कई बार शासन-प्रशासन को ज्ञापन दिए, इसके तहत एसडीएम ने 14 मई को सुबह 11 बजे तहसील सभागार में बैठक आयोजित की है। इस संबंध में उन्होंने ब्लॉक प्रमुख, थ्वालखेड़ा के ग्रामप्रधान और महिला मंगल दल अध्यक्ष को तहसील सभागार में उपस्थित होने को पत्र प्रेषित किया है, लेकिन ग्रामीणों ने बैठक का विरोध करना शुरू कर दिया है।
कहा है कि शासन-प्रशासन ने उनकी मांगों की ओर ध्यान नहीं दिया तो नायकगोठ, थ्वालखेड़ा, गैड़ाखाली, उचौलीगोठ, पूर्णागिरि की जनता महापंचायत कर हाईकोर्ट जाने को विवश होगी। थ्वालखेड़ा के पूर्व प्रधान सतीश पांडेय का कहना है कि विरोध करने वाली जनता बैठक में शिरकत नहीं करेगी। थ्वालखेड़ा के पूर्व प्रधान सुंदर सिंह बोहरा, बृजमोहन जोशी, सुंदरी देवी, उपप्रधान कमला देवी, महिला मंगल दल की माया देवी, बसंत चिलकोटी, जानकी देवी, ईश्वरी देवी, भीम सिंह, देव सिंह आदि ने उक्त बैठक का बहिष्कार किया है।
थ्वालखेड़ा के ग्रामीणों ने रोखड़ों से खनन का विरोध तेज कर दिया है। उन्होंने एसडीएम की ओर से 14 मई को बुलाई गई बैठक का बहिष्कार करते हुए कहा है कि यदि रोखड़ों से खनन नहीं रोका गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
थ्वालखेड़ा के ग्रामीणों ने किरोड़ा नाले को चैनलाइज करने के साथ ही खनन का भी विरोध किया था। उनका आरोप था कि नेताओं और उनके चहेतों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से शासन-प्रशासन टनकपुर के 12 हजार ग्रामीणों की अनदेखी कर रहा है। ग्रामीणों ने इस बाबत कई बार शासन-प्रशासन को ज्ञापन दिए, इसके तहत एसडीएम ने 14 मई को सुबह 11 बजे तहसील सभागार में बैठक आयोजित की है। इस संबंध में उन्होंने ब्लॉक प्रमुख, थ्वालखेड़ा के ग्रामप्रधान और महिला मंगल दल अध्यक्ष को तहसील सभागार में उपस्थित होने को पत्र प्रेषित किया है, लेकिन ग्रामीणों ने बैठक का विरोध करना शुरू कर दिया है।
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कहा है कि शासन-प्रशासन ने उनकी मांगों की ओर ध्यान नहीं दिया तो नायकगोठ, थ्वालखेड़ा, गैड़ाखाली, उचौलीगोठ, पूर्णागिरि की जनता महापंचायत कर हाईकोर्ट जाने को विवश होगी। थ्वालखेड़ा के पूर्व प्रधान सतीश पांडेय का कहना है कि विरोध करने वाली जनता बैठक में शिरकत नहीं करेगी। थ्वालखेड़ा के पूर्व प्रधान सुंदर सिंह बोहरा, बृजमोहन जोशी, सुंदरी देवी, उपप्रधान कमला देवी, महिला मंगल दल की माया देवी, बसंत चिलकोटी, जानकी देवी, ईश्वरी देवी, भीम सिंह, देव सिंह आदि ने उक्त बैठक का बहिष्कार किया है।
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