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सीएम की नजर से दूर रहेगा चंपावत जिला अस्पताल
Updated Wed, 15 Nov 2017 10:54 PM IST
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चंपावत। प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत प्रमुख अस्पतालों पर दूर से नजर रखेंगे। लेकिन नेपाल सीमा से लगे चंपावत जिले के अस्पताल प्रदेश सरकार की नजर से दूर रहेंगे। सीएम द्वारा मोबाइल से प्रदेश के अस्पतालों में नजर रखने के लिए चंपावत जिले के एक भी अस्पताल को चयनित नहीं किया गया है। जिले का एक भी अस्पताल सीएम के निगरानी तंत्र में नहीं आने से यहां की व्यवस्था को पटरी पर आने का अभी इंतजार करना होगा।
उत्तराखंड की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के लिए मुख्यमंत्री ने स्वयं निगरानी रखने का निर्णय लिया है। सीएम मोबाइल एप के जरिए सूबे के 27 अस्पतालों की व्यवस्था पर बारीक नजर रखेंगे। लेकिन इस फेहरिस्त में चंपावत जिले का एक भी अस्पताल नहीं है। जबकि कुमाऊं के छह जिलों में मात्र चंपावत को इस निगरानी तंत्र से बाहर रखा गया है। नैनीताल व अल्मोड़ा के चार-चार अस्पताल, पिथौरागढ़ के दो और ऊधमसिंह नगर व बागेश्वर जिले के एक-एक अस्पताल को नए निगरानी तंत्र से जोड़ा जाएगा। इसके तहत अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों को राष्ट्रीय सूचना केंद्र (एनआईसी) से जोड़ा जाएगा। इसे एक मोबाइल एप से जोड़ व्यवस्था का जायजा लिया जाएगा।
मुख्य चिकित्साधिकारी डा.एमएस बोहरा ने बताया कि जिला अस्पताल सहित किसी भी स्वास्थ्य केंद्र को मोबाइल से मॉनिटरिंग के लिए चयनित नहीं किया गया है। वैसे जिला अस्पताल में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ.आरके जोशी ने बताया कि यहां करीब एक साल पूर्व 16 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
उत्तराखंड की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के लिए मुख्यमंत्री ने स्वयं निगरानी रखने का निर्णय लिया है। सीएम मोबाइल एप के जरिए सूबे के 27 अस्पतालों की व्यवस्था पर बारीक नजर रखेंगे। लेकिन इस फेहरिस्त में चंपावत जिले का एक भी अस्पताल नहीं है। जबकि कुमाऊं के छह जिलों में मात्र चंपावत को इस निगरानी तंत्र से बाहर रखा गया है। नैनीताल व अल्मोड़ा के चार-चार अस्पताल, पिथौरागढ़ के दो और ऊधमसिंह नगर व बागेश्वर जिले के एक-एक अस्पताल को नए निगरानी तंत्र से जोड़ा जाएगा। इसके तहत अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों को राष्ट्रीय सूचना केंद्र (एनआईसी) से जोड़ा जाएगा। इसे एक मोबाइल एप से जोड़ व्यवस्था का जायजा लिया जाएगा।
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मुख्य चिकित्साधिकारी डा.एमएस बोहरा ने बताया कि जिला अस्पताल सहित किसी भी स्वास्थ्य केंद्र को मोबाइल से मॉनिटरिंग के लिए चयनित नहीं किया गया है। वैसे जिला अस्पताल में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ.आरके जोशी ने बताया कि यहां करीब एक साल पूर्व 16 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
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