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लाइन में पेड़ गिरने से मां पूर्णागिरि धाम की बिजली आपूर्ति ठप
Updated Fri, 14 Jul 2017 11:11 PM IST
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टनकपुर (चंपावत)। बारिश से मां पूर्णागिरि धाम में व्यवस्थाएं बुरी तरह चरमरा गई हैं। भैरव मंदिर से मुख्य मंदिर तक पैदल रास्ते पर जगह-जगह पहाड़ियों के दरकने से गिरे मलबे से जहां रास्ता बंद हो गया है, वहीं शुक्रवार को विद्युत लाइन पर गिरे पेड़ से धाम की बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई है। मंदिर समिति ने प्रशासन से जल्द व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की मांग की है।
हर साल बारिश का मौसम पूर्णागिरि धाम की व्यवस्थाओं के लिए आफत बनता है। बारिश होते ही धाम के पुजारियों एवं व्यापारियों को बिजली, पानी, मार्ग की समस्याओं से जूझना पड़ता है। पहली बारिश में ही जलसंस्थान की पेयजल लाइनें ध्वस्त हो चुकी हैं। सिद्धमोड़, ध्रुवगिरि मोड़, लादीगाड़ और हनुमान चट्टी में हल्की बारिश से भी दरक रही पहाड़ियों से खतरा बना है। सिद्धमोड़ और ध्रुवगिरि मोड़ पर मलबा गिरने से मुख्य मंदिर का पैदल रास्ता एक सप्ताह से बंद पड़ा है, लेकिन लोनिवि ने अब तक धाम क्षेत्र के रास्तों की हालत सुधारने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया है।
पेयजल और रास्ते की व्यवस्था तो बदहाल हो चुकी है, शुक्रवार को जमरानी के पास पेड़ गिरने से विद्युत लाइन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई है। इससे समूचे धाम क्षेत्र के साथ ही आसपास के गांवों में भी बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। इधर, पूर्णागिरि मंदिर समिति अध्यक्ष पं. भुवन पांडेय के नेतृत्व में समिति के सचिव गिरीश पांडेय, उपाध्यक्ष नीरज पांडेय, कोषाध्यक्ष कैलाश पांडेय ने सुरक्षात्मक व्यवस्था के लिए स्वयंसेवकों के साथ धाम क्षेत्र में डेरा जमा लिया है।
हर साल बारिश का मौसम पूर्णागिरि धाम की व्यवस्थाओं के लिए आफत बनता है। बारिश होते ही धाम के पुजारियों एवं व्यापारियों को बिजली, पानी, मार्ग की समस्याओं से जूझना पड़ता है। पहली बारिश में ही जलसंस्थान की पेयजल लाइनें ध्वस्त हो चुकी हैं। सिद्धमोड़, ध्रुवगिरि मोड़, लादीगाड़ और हनुमान चट्टी में हल्की बारिश से भी दरक रही पहाड़ियों से खतरा बना है। सिद्धमोड़ और ध्रुवगिरि मोड़ पर मलबा गिरने से मुख्य मंदिर का पैदल रास्ता एक सप्ताह से बंद पड़ा है, लेकिन लोनिवि ने अब तक धाम क्षेत्र के रास्तों की हालत सुधारने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया है।
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पेयजल और रास्ते की व्यवस्था तो बदहाल हो चुकी है, शुक्रवार को जमरानी के पास पेड़ गिरने से विद्युत लाइन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई है। इससे समूचे धाम क्षेत्र के साथ ही आसपास के गांवों में भी बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। इधर, पूर्णागिरि मंदिर समिति अध्यक्ष पं. भुवन पांडेय के नेतृत्व में समिति के सचिव गिरीश पांडेय, उपाध्यक्ष नीरज पांडेय, कोषाध्यक्ष कैलाश पांडेय ने सुरक्षात्मक व्यवस्था के लिए स्वयंसेवकों के साथ धाम क्षेत्र में डेरा जमा लिया है।
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