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Chamoli News: शीतकालीन पड़ावों पर जनजाति के लोगों को मिले भूमि का अधिकार, बढ़ाएं सुविधाएं

Sat, 09 Nov 2024 06:47 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली Updated Sat, 09 Nov 2024 06:47 PM IST
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Tribal people get land rights at winter halts, facilities should be increased
बिरही में जनजाति समागम में पहुंची भोटिया जनजाति की महिलाएं। संवाद
फोटो
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बिरही में दो दिवसीय प्रथम जनजाति समागम-2024 हुआ शुरू
कहा, सीमांत क्षेत्रों के लिए ऐसी योजनाएं बनाएं जिससे रोजगार के अवसर पैदा हों
संवाद न्यूज एजेंसी-
गोपेश्वर/पीपलकोटी। बिरही में दो दिवसीय प्रथम जनजाति समागम-2024 शनिवार से शुरू हो गया। इस दौरान वक्ताओं ने जनजाति के उत्थान के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने पर जोर दिया। साथ ही शीतकालीन पड़ावों पर जनजाति के लोगों को भूमि का अधिकार देने की पुरजोर मांग उठाई। कहा गया कि सीमांत क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा हों, ऐसी योजनाएं बनाई जानी चाहिए।
भोटिया पड़ाव वेडूबगड़ में आयोजित समागम में मुख्य वक्ता श्रीदेव सुमन विवि के पूर्व कुलपति डाॅ. यूएस रावत ने कहा कि जनजाति के उत्थान के लिए उच्च शिक्षा केंद्रों को सुदृढ़ बनाया जाना चाहिए। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए युवाओं को तैयार करने के लिए उनकी काउंसलिंग करनी जरूरी है। पूर्व वन संरक्षक आरबीएस रावत ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जनजाति संगठन को मजबूत करने, भारत-तिब्बत (चीन) सीमा क्षेत्र में सौर ऊर्जा से आय के स्रोत विकसित करने, निर्धन छात्रों की पहचान कर उन्हें आर्थिक मदद करने की बात कही। नीती के पूर्व ग्राम प्रधान आशीष राणा ने जनजाति के जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। मधु बिष्ट ने अपनी बोली भाषा के संरक्षण पर जोर दिया। कहा कि जनजाति के उत्थान के लिए विशेष योजनाएं संचालित की जानी चाहिए। पूर्व ब्लॉक प्रमुख ठाकुर सिंह राणा ने कहा कि हम आरक्षण के हकदार हैं। सीमांत क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा हों, ऐसी योजनाएं बनें। नीती, गमशाली, माणा, लाता, रैणी, ज्योर्तिमठ, कैलाशपुर, मेहर गांव, फरकिया समेत कई गांवों के करीब एक हजार लोग एकजुट हुए। इस मौके पर नीती-माणा जनजाति कल्याण समिति के अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह फरकिया, ब्लॉक प्रमुख हरीश परमार, पूर्व प्रधान धीरेंद्र गरोड़िया, जीडी हिंदवाल, देवेंद्र पंवार, शिवम रावत, धर्मेंद्र पाल, देवेंद्र सिंह और रंजीत बुटोला आदि मौजूद रहे। संचालन सुरेंद्र राणा ने किया।
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भूमि पर अधिकार नहीं मिला तो पंचायत चुनाव का करेंगे बहिष्कार
गोपेश्वर। जनजाति समागम में प्रधान संगठन के जिला महामंत्री पुष्कर सिंह राणा ने कहा कि लंबे समय से जनजाति के लोग शीतकालीन पड़ावों पर भूमि का अधिकार देने की मांग कर रहे हैं। चमोली, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ के जनजाति समाज के लोगों की यह न्यायोचित मांग आज तक पूरी नहीं हो पाई है। इस बार मांग को लेकर जनजाति के लोगों ने निर्णय लिया है यदि जल्द भूमि का अधिकार नहीं मिला तो आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा। संवाद
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किशन महिपाल के गीतों की रही धूम
गोपेश्वर। जनजाति समागम में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए। समागम में गायककार किशन महिपाल के गीतों की धूम रही। किशन ने हम छां तेरा लाल, बोला जय बदरी विशाल..., कैन मुल्याई बंगाल चूड़ी..., फ्यूंलड़िया त्वे देखिक आंदू यु मन मां, तेरु मेरु साथ छयो पैला जनम मां..., रानीखेता रामाढोला..., ओ भाना, रंगीली भाना... आदि मनमोहक गीतों की प्रस्तुति दी। पैंग मुरंडा, बिरही, गमशाली और लाता महिला मंगल की महिलाओं ने भी गढ़वाली गीतों की प्रस्तुति दी जिस पर दर्शक देर शाम तक झूमते रहे। संवाद
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