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Chamoli News: 15 किलोमीटर हेलंग-उर्गम सड़क पर गड्ढे ही गड्ढे
Wed, 22 Jan 2025 05:44 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Wed, 22 Jan 2025 05:44 PM IST
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उर्गम घाटी जाने वाले पर्यटक तक नहीं जा पा रहे वाहनों से
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। ज्योतिर्मठ ब्लॉक के अंतर्गत पर्यटन क्षेत्र उर्गम को यातायात से जोड़ने वाली एकमात्र 15 किमी हेलंग-उर्गम सड़क लंबे समय से बदहाल है। पावर हाउस के पास सड़क पर गड्ढों के कारण छोटे वाहन भी मुश्किल से आ-जा पा रहे हैं। उर्गम घाटी के दीदार के लिए कई पर्यटक पहुंच रहे हैं लेकिन उनके वाहन इस सड़क पर चढ़ नहीं पा रहे हैं जिससे पर्यटक स्थानीय वाहनों से कल्पेश्वर मंदिर और उर्गम गांव के सैर-सपाटे पर पहुंच रहे हैं।
उर्गम के पूर्व प्रधान लक्ष्मण सिंह नेगी का कहना है कि पीएमजीएसवाई विभाग की ओर से इस सड़क के सुधारीकरण पर अभी तक करोड़ों रुपये खर्च किए जा चुके हैं लेकिन भूस्खलन क्षेत्रों का अभी तक स्थायी समाधान नहीं निकाला जा सका है। प्रधान संगठन के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष अनूप सिंह का कहना है कि हेलंग-उर्गम सड़क धार्मिक के साथ ही पर्यटन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है लेकिन विभाग की ओर से इसके रख-रखाव पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिन क्षेत्रों में छह माह पूर्व कॉजवे के लिए खोदाई की गई थी वहां कटिंग आधी-अधूरी पड़ी है। सड़क चौड़ीकरण की अधूरी हिल कटिंग से भी दिक्कत बनी है। कहीं सड़क से डामर उखड़ गया है तो कहीं सड़क पर गड्ढों की भरमार है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। ज्योतिर्मठ ब्लॉक के अंतर्गत पर्यटन क्षेत्र उर्गम को यातायात से जोड़ने वाली एकमात्र 15 किमी हेलंग-उर्गम सड़क लंबे समय से बदहाल है। पावर हाउस के पास सड़क पर गड्ढों के कारण छोटे वाहन भी मुश्किल से आ-जा पा रहे हैं। उर्गम घाटी के दीदार के लिए कई पर्यटक पहुंच रहे हैं लेकिन उनके वाहन इस सड़क पर चढ़ नहीं पा रहे हैं जिससे पर्यटक स्थानीय वाहनों से कल्पेश्वर मंदिर और उर्गम गांव के सैर-सपाटे पर पहुंच रहे हैं।
उर्गम के पूर्व प्रधान लक्ष्मण सिंह नेगी का कहना है कि पीएमजीएसवाई विभाग की ओर से इस सड़क के सुधारीकरण पर अभी तक करोड़ों रुपये खर्च किए जा चुके हैं लेकिन भूस्खलन क्षेत्रों का अभी तक स्थायी समाधान नहीं निकाला जा सका है। प्रधान संगठन के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष अनूप सिंह का कहना है कि हेलंग-उर्गम सड़क धार्मिक के साथ ही पर्यटन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है लेकिन विभाग की ओर से इसके रख-रखाव पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिन क्षेत्रों में छह माह पूर्व कॉजवे के लिए खोदाई की गई थी वहां कटिंग आधी-अधूरी पड़ी है। सड़क चौड़ीकरण की अधूरी हिल कटिंग से भी दिक्कत बनी है। कहीं सड़क से डामर उखड़ गया है तो कहीं सड़क पर गड्ढों की भरमार है।
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