ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने हेलंग-मारवाड़ी बाईपास निर्माण का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने कहा कि इस बाईपास से जहां जोशीमठ का अस्तित्व खत्म हो जाएगा वहीं इसके निर्माण से धार्मिक नगरी को भी खतरा पैदा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इस संबंध में केंद्र से वार्ता की जाएगी।
हेलंग-मारवाड़ी बाईपास का शुरू से जोशीमठ के लोग विरोध कर रहे हैं। इसके चलते निर्माण काफी समय तक रुका रहा। हाल ही में सीमा सड़क संगठन ने फिर से इस पर निर्माण कार्य शुरू किया है। अब ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य ने भी इसको लेकर कड़ी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि बाईपास बनने से बदरीनाथ की यात्रा पर आने वाले यात्री प्राचीन शंकराचार्य मठ के साथ अमर कल्पवृक्ष और भगवान नृसिंह के दर्शन से वंचित रह जाएंगे। साथ ही इससे जोशीमठ का अस्तित्व खत्म हो जाएगा। पहले ही जोशीमठ नगर आपदा की दृष्टि से बहुत संवेदनशील है और अब धीरे-धीरे यहां भू-धंसाव भी हो रहा है। उन्होंने कहा कि यदि सड़क का चौड़ीकरण करना है तो जोशीमठ मुख्य बाजार या औली सड़क को करें, इससे समस्या का समाधान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि वह किसी भी हालत में बाईपास का निर्माण नहीं होने देंगे।