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Chamoli News: ढोल-दमाऊं की 18 ताल पर नृत्य कर किया रामायण का मंचन
Thu, 25 Apr 2024 07:14 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Thu, 25 Apr 2024 07:14 PM IST
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जोशीमठ के सलूड़ डुंग्रा गांव में आयोजित रम्माण मेेले में मुखौटा नृत्य करते कलाकार। संवाद
सलूड़ डुंग्रा गांव में आयोजित विश्व धरोहर रम्माण में मुखौटा नृत्य ने किया रोमांचित
माल नृत्य में ध्वनि गर्जना के साथ किया प्रतीकात्मक युद्ध
संवाद न्यूज एजेंसी
जोशीमठ। विश्व धरोहर रम्माण मेले का आयोजन सलूड़ डुंग्रा गांव में उत्साह के साथ किया गया। इस दौरान मुखौटा नृत्य ने सभी को रोमांचित कर दिया। ढोल दमाऊं की 18 ताल पर नृत्य कर रामायण का मंचन किया गया।
विकासखंड ब्लॉक के सलूड़ डुंग्रा गांव में बैसाख माह में हर साल रम्माण मेले का आयोजन किया जाता है। बृहस्पतिवार को भूमियाल देवता मंदिर के प्रांगण में आयोजित मेले में राम, लक्ष्मण, सीमा व हनुमान के पात्रों ने ढोल-दमाऊं की थाप पर नृत्य करते हुए राम जन्म, सीता स्वयंवर, वन प्रस्थान, सीता हरण, हनुमान मिलन, लंका दहन का वर्णन किया गया। बीच-बीच में दर्शकों के मनोरंजन के लिए अलग तरह का मुखौटा नृत्य किया गया जिसमें म्वर-म्वरीण, बणियां-गणियांण, ख्यलारी आदि नृत्य किए गए। साथ ही भूमियाल देवता के पश्वा ने भी नृत्य किया। माल नृत्य में मल्ल योद्धा मुख्य प्रांगण में पहुंचे और ढोल दमाऊं की थाप पर ध्वनि गर्जना के साथ प्रतीकात्मक युद्ध किया गया। कुरुजोगी नृत्य के बाद स्वर्ण मृग वध भी किया गया। अंत में भूमि क्षेत्रपाल देवता पश्वा पर अवतरित हुए और क्षेत्र में खुशहाली की कामना कर सभी भक्तों को आशीर्वाद दिया। इस मौके पर रम्माण मेले के संयोजक कुशल सिंह भंडारी, भरत सिंह पंवार, रणवीर सिंह, प्रदीप सिंह, रघुवीर नेगी, भरत सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
एनटीपीसी ने तैयार किया मंच
सलूड़-डुंग्रा में भूमि क्षेत्रपाल देवता के मंदिर परिसर में एनटीपीसी की तपोवन विष्णुगाड़ जल विद्युत परियोजना की ओर से दो मंजिला मंच का निर्माण कराया गया। 12.46 लाख की लागत से तैयार मंच का बृहस्पतिवार को रम्माण मेले के दौरान परियोजना के महाप्रबंधक मनमीत बेदी ने उद्घाटन किया। इस दौरान अपर महाप्रबंधक मानव संसाधन राजेश, उप महाप्रबंधक निर्माण डीएस गब्र्याल आदि मौजूद रहे।
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माल नृत्य में ध्वनि गर्जना के साथ किया प्रतीकात्मक युद्ध
संवाद न्यूज एजेंसी
जोशीमठ। विश्व धरोहर रम्माण मेले का आयोजन सलूड़ डुंग्रा गांव में उत्साह के साथ किया गया। इस दौरान मुखौटा नृत्य ने सभी को रोमांचित कर दिया। ढोल दमाऊं की 18 ताल पर नृत्य कर रामायण का मंचन किया गया।
विकासखंड ब्लॉक के सलूड़ डुंग्रा गांव में बैसाख माह में हर साल रम्माण मेले का आयोजन किया जाता है। बृहस्पतिवार को भूमियाल देवता मंदिर के प्रांगण में आयोजित मेले में राम, लक्ष्मण, सीमा व हनुमान के पात्रों ने ढोल-दमाऊं की थाप पर नृत्य करते हुए राम जन्म, सीता स्वयंवर, वन प्रस्थान, सीता हरण, हनुमान मिलन, लंका दहन का वर्णन किया गया। बीच-बीच में दर्शकों के मनोरंजन के लिए अलग तरह का मुखौटा नृत्य किया गया जिसमें म्वर-म्वरीण, बणियां-गणियांण, ख्यलारी आदि नृत्य किए गए। साथ ही भूमियाल देवता के पश्वा ने भी नृत्य किया। माल नृत्य में मल्ल योद्धा मुख्य प्रांगण में पहुंचे और ढोल दमाऊं की थाप पर ध्वनि गर्जना के साथ प्रतीकात्मक युद्ध किया गया। कुरुजोगी नृत्य के बाद स्वर्ण मृग वध भी किया गया। अंत में भूमि क्षेत्रपाल देवता पश्वा पर अवतरित हुए और क्षेत्र में खुशहाली की कामना कर सभी भक्तों को आशीर्वाद दिया। इस मौके पर रम्माण मेले के संयोजक कुशल सिंह भंडारी, भरत सिंह पंवार, रणवीर सिंह, प्रदीप सिंह, रघुवीर नेगी, भरत सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
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एनटीपीसी ने तैयार किया मंच
सलूड़-डुंग्रा में भूमि क्षेत्रपाल देवता के मंदिर परिसर में एनटीपीसी की तपोवन विष्णुगाड़ जल विद्युत परियोजना की ओर से दो मंजिला मंच का निर्माण कराया गया। 12.46 लाख की लागत से तैयार मंच का बृहस्पतिवार को रम्माण मेले के दौरान परियोजना के महाप्रबंधक मनमीत बेदी ने उद्घाटन किया। इस दौरान अपर महाप्रबंधक मानव संसाधन राजेश, उप महाप्रबंधक निर्माण डीएस गब्र्याल आदि मौजूद रहे।
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