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रणकधार- वेदनी- आली बुग्याल रोपवे को नहीं मिला वजट 16-13-04
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रणकधार-वेदनी-आली बुग्याल रोपवे को बजट न मिलने से पिंडरघाटी के लोग निराश हैं। लोगों का कहना है कि यदि यह रोपवे बन जाए तो क्षेत्र में साहसिक व धार्मिक पर्यटन बढ़ने के साथ ही लोगों को रोजगार मिलेगा। उन्होंने जल्द रोपवे बनाने की मांग उठाई।
रूपकुंड, आली, वेदनी व बगुवावास बुग्याल देवाल के मुख्य पर्यटन स्थल हैं। यहां पर हर साल देश-विदेश के पर्यटक आते हैं। नंदा राजजात में वेदनी तक श्रद्धालु पहुंचते हैं, लेकिन खड़ी चढ़ाई होने से वेदनी तक अधिक उम्र के लोग यात्रा नहीं कर पाते हैं। वर्ष 2016 में कांग्रेस सरकार ने वाण गांव के रणकधार से वेदनी व आली बुग्याल के लिए रोपवे बनाने की कवायद शुरू हुई। इसके तहत रोपवे बनाने वाली ऊषाटेक कंपनी ने रणकधार से सर्वे किया, लेकिन उसके बाद आगे का काम शुरू नहीं हो पाया। मंगलवार को सरकार ने सोनप्रयाग-केदारनाथ, गोविंदघाट-हेमकुंड व हरिद्वार-हरकी पैड़ी को रोपवे परियोजना से जोड़ने की मंजूरी दी है, लेकिन रणकधार-आली-वेदनी रोपवे को इस बजट में शामिल नहीं किया। रूपकुंड पर्यटन विकास समिति व ट्रेकर भुवन बिष्ट ने इस रोपवे को स्वीकृति न देने पर नाराजगी जताई। वहीं कांग्रेस के महाबीर सिंह ने इस परियोजना को बजट न मिलने पर नाराजगी जताई।
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रूपकुंड, आली, वेदनी व बगुवावास बुग्याल देवाल के मुख्य पर्यटन स्थल हैं। यहां पर हर साल देश-विदेश के पर्यटक आते हैं। नंदा राजजात में वेदनी तक श्रद्धालु पहुंचते हैं, लेकिन खड़ी चढ़ाई होने से वेदनी तक अधिक उम्र के लोग यात्रा नहीं कर पाते हैं। वर्ष 2016 में कांग्रेस सरकार ने वाण गांव के रणकधार से वेदनी व आली बुग्याल के लिए रोपवे बनाने की कवायद शुरू हुई। इसके तहत रोपवे बनाने वाली ऊषाटेक कंपनी ने रणकधार से सर्वे किया, लेकिन उसके बाद आगे का काम शुरू नहीं हो पाया। मंगलवार को सरकार ने सोनप्रयाग-केदारनाथ, गोविंदघाट-हेमकुंड व हरिद्वार-हरकी पैड़ी को रोपवे परियोजना से जोड़ने की मंजूरी दी है, लेकिन रणकधार-आली-वेदनी रोपवे को इस बजट में शामिल नहीं किया। रूपकुंड पर्यटन विकास समिति व ट्रेकर भुवन बिष्ट ने इस रोपवे को स्वीकृति न देने पर नाराजगी जताई। वहीं कांग्रेस के महाबीर सिंह ने इस परियोजना को बजट न मिलने पर नाराजगी जताई।
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