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Chamoli News: सुतोल गांव में भूस्खलन, घरों और आंगन में पड़ीं दरारें

Sun, 23 Aug 2026 06:51 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली Updated Sun, 23 Aug 2026 06:51 PM IST
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Landslide in Sutol village; cracks appear in houses and courtyards.
फोटो
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नंदानगर का अंतिम गांव है सुतोल, लोगों ने विस्थापन की उठाई मांग
तल्ला पूरणी व मल्ला पूरणी में हो रहा भूस्खलन
संवाद न्यूज एजेंसी
नंदानगर। विकासखंड नंदानगर के दूरस्थ गांव सुतोल में भूस्खलन से कई मकान खतरे की जद में आ गए हैं। स्थिति यह है कि करीब एक सप्ताह से तल्ला पूरणी व मल्ला पूरणी में भूस्खलन होने से घरों और आंगन में दरारें आ गई हैं। खतरे को देखते हुए लोगों ने विस्थापन की मांग उठाई।
तल्ला पूरणी व मल्ला पूरणी तोक सुतोल गांव से लगा हुआ है। इन तोकों में पिछले साल से भूस्खलन हो रहा है। हालांकि प्रशासन ने यहां के पांच परिवारों के विस्थापन की प्रक्रिया शुरू कर दी है लेकिन इस साल फिर यहां भूस्खलन शुरू हो गया है। इससे इन दोनों तोकों के करीब 10 मकान इसकी जद में आ गए हैं। इसमें हीरा सिंह, गोविंद सिंह, पुष्कर सिंह, बखतवार सिंह, लक्ष्मण सिंह, यशपाल सिंह, गोविंद सिंह, कला देवी के आवासीय घर सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। इनके घरों में दरारें आ चुकी हैं और अन्य घरों पर भी खतरा मंडरा रहा है। कुछ घरों के आंगन तरह से धंस चुके हैं। ऐसे में इन भवनों के गिरने का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि विकासखंड नंदानगर का अंतिम गांव सुतोल है। नंदा देवी की बड़ी जात में यहां बड़ी संख्या में लोग आएंगे। ऐसे में जब गांव खुद खतरे की जद में है तो यात्रियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। गांव के दर्शन सिंह, पार सिंह नेगी सहित प्रभावित परिवारों ने शासन-प्रशासन से उनके गांव का संज्ञान लेने की मांग की। भूस्खलन रोकने के लिए उचित उपाय किए जाएं। साथ ही जिनके घर बुरी तरह प्रभावित हुए हैं उन्हें विस्थापित किया जाए।
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गोपेश्वर-घिंघराण मार्ग हल्के वाहनों के लिए खुलने की उम्मीद
गोपेश्वर। चमोली जिले में बारिश के बाद हुए भूस्खलन से 16 सड़कें बाधित होने के कारण ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कई गांवों के लोगों को जरूरी सामान लेने के लिए कई किलोमीटर पैदल आवाजाही करनी पड़ रही है। ग्रामीण राशन, सब्जी और अन्य जरूरी सामग्री को पीठ पर लादकर घरों तक पहुंचा रहे हैं। सड़कें बंद होने से बुजुर्गों, महिलाओं और बीमार लोगों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है।
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वहीं ब्रह्मसैंण गोपेश्वर-घिंघराण मार्ग पर गेबियन दीवार निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है। विभाग को उम्मीद है कि सोमवार तक मार्ग हल्के वाहनों के लिए सुचारु कर दिया जाएगा। वहीं परखाल-डुंगरी, कोटी बैंड-घटोरा, ग्वालदम-नंदकेशरी, नंदकेशरी-जौला (ग्वालदम), चमोली-लासी-सरतोली और हरमनी-रांगतोली-लासी सड़कें भी बाधित हैं। क्षेत्र पंचायत सदस्य मनमोहन सिंह, कांग्रेस प्रवक्ता तेजवीर कंडेरी और जयवीर सिंह ने प्रशासन से जल्द सड़कें खोलने की मांग की। वहीं जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदकिशोर जोशी ने बताया कि सड़कों को खोलने का काम लगातार जारी है। रात में बारिश होने से नए भूस्खलन की स्थिति बन रही है जिससे सड़क खोलने के कार्य में दिक्कत आ रही है। संवाद

आपदा प्रभावित 10 परिवारों को बांटी राहत सामग्री
ज्योतिर्मठ। रेडक्रास सोसायटी चमोली शाखा की ओर से रविवार को ज्योतिर्मठ के सिंहधार क्षेत्र के आपदा प्रभावित 10 परिवारों को राहत सामग्री वितरित की गई। भू-धंसाव से प्रभावित ये परिवार अभी भी अस्थायी टिन शेड में रह रहे हैं। जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश डोभाल के नेतृत्व में परिवारों को जरूरत की सामग्री उपलब्ध कराई गई। उन्होंने कहा कि रेडक्रास सोसायटी आपदा प्रभावित और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए हर समय तत्पर है। जिले में प्रभावित परिवारों की आवश्यकता के अनुसार राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। इस दौरान शाखा सचिव सुरेंद्र रावत, विपिन शाह, दीपक टम्टा सहित अन्य पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। संवाद

कर्णप्रयाग: सिमली बाजार में घुसा गदेरे का पानी घुसा, सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त
बारिश से वन विभाग की नर्सरी भी धंसी, नौटी सड़क पर आया मलबा
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। शनिवार रात भारी बारिश के बाद सिमली गांव में गदेरा उफान आ गया। इसका पानी और मलबा सिमली बाजार में घुसने से स्थानीय लोगों में अफरातफरी मच गई। पूर्व प्रधान पीतांबरी देवी ने बताया कि उनके मकान और व्यापारिक प्रतिष्ठान की सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त हुई। उन्होंने प्रशासन से क्षति का आकलन कर गदेरे में सुरक्षा दीवार और चेकडैम बनाने की मांग की।
देवेंद्र सिंह बिष्ट के घर के बाथरूम में भी पानी घुस गया था। राजस्व उप निरीक्षक अजय कुशवाह ने बताया कि पानी और मिट्टी हाईवे तथा आसपास के घरों तक पहुंच गई थी। हालांकि, किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। सड़क का मलबा एनएच विभाग के कर्मियों ने हटा दिया है। दूसरी ओर नौटी रोड पर वन विभाग की नर्सरी का एक हिस्सा भूधंसाव से क्षतिग्रस्त हो गया। इसका मलबा सड़क पर आने से कुछ देर तक यातायात ठप रहा। बाद में जेसीबी से मलबा हटाकर यातायात सुचारु कर दिया गया। वहीं नगर पालिका के सुभाषनगर में एक मकान के परिसर का पुश्ता दरकने से पैदल रास्ता बंद हो गया और मकान खतरे की जद में आ गया।

देवाल में हाटकल्याड़ी-सवाड़ सड़क पर फंसे वाहन
देवाल। सतुवापानी में भारी मलबा आने से हाटकल्याड़ी-सवाड़ सड़क शनिवार रात से बंद है। इस कारण 15 से अधिक वाहन फंसे हैं और ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रधान आशा धपोला ने बताया कि यह सड़क सतुवापानी में आए दिन बंद होती रहती है। पिछले सप्ताह भी यह सड़क चार दिन तक बंद रही। वहीं पीएमजीएसवाई के अवर अभियंता प्रदीप पंवार ने कहा कि देवाल ब्लॉक में विभाग की दो जेसीबी अन्य सड़कों पर लगी हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द एक मशीन की व्यवस्था कर मलबा हटाया जाएगा। संवाद

भूस्खलन से टूटी लाइन, 18 घंटे गुल रही बिजली
नारायणबगड़। शनिवार रात से गुल हुई पिंडरघाटी की बिजली रविवार शाम को 18 घंटे बाद बहाल हो पाई। बिजली न होने के कारण शनिवार रात को गरजते बादलों के बीच पिंडरघाटी के नारायणबगड़, थराली तथा देवाल ब्लॉक में अंधेरा छाया रहा। बारिश के चलते नलगांव के पास पहाड़ी से भूस्खलन होने के कारण 33 केवी विद्युत की हाईटेंशन लाइन क्षतिग्रस्त होने से पिंडरघाटी की बिजली आपूर्ति रात 9 बजे बंद हो गई थी। रविवार सुबह ऊर्जा निगम के कर्मियों ने लाइन की मरम्मत शुरू की और दोपहर 3 बजे 18 घंटों से ठप पड़ी आपूर्ति शुरू कर दी गई। दूरस्थ गांव झिंझोणी की प्रधान चैता देवी, शेर सिंह, गीता देवी, कर्ण सिंह आदि ने कहा कि लगातार बिजली गुल होने से बरसात में समस्या हो रही है। ऊर्जा निगम के अभियंता हेमंत चमोली ने बताया कि पहाड़ी से बार-बार भूस्खलन के कारण यह दिक्कत आ रही है। संवाद


गदेरा उफान पर आया, गोशालाओं और मकानों को खतरा
ऊखीमठ। शनिवार रात को हुई मूसलाधार बारिश से तोणीडाली-काकड़ागाड मार्ग पर जाखणी गांव के समीप गोदा गदेरा उफान पर आने से गांव के आसपास मलबा भर गया। गदेरे का रुख गोशालाओं एवं मकानों की तरफ होने से खतरा पैदा हो गया है। गुलाब पंवार, जय प्रकाश पंवार, रधुवीर पंवार आदि ने बताया कि भारी बारिश के दौरान उन्हें रतजगा करना पड़ रहा है। कनिष्ठ प्रमुख प्रदीप त्रिवेदी, ग्राम प्रधान पठाली मनवर सिंह नेगी, नगर पंचायत में भट्टेश्वर वार्ड सभासद बलवीर पंवार ने गदेरे पर पुलिया निर्माण करने की मांग की है जिससे समस्या का स्थाई समाधान हो सके। संवाद
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