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Chamoli News: निजमुला घाटी में चौलाई की फसल में लगे कीड़े
Sat, 28 Oct 2023 05:06 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Sat, 28 Oct 2023 05:06 PM IST
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अब तक 190 क्विंटल फसल हो चुकी है नष्ट
काश्तकारों ने प्रशासन से की मुआवजा दिलाने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। चमोली जिले के दूरस्थ क्षेत्र पाणा, ईराणी और झींझी में चौलाई की फसल पर कीड़े लगने से फसल खराब हो रही है। ऐसे में काश्तकारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। तीनों गांवों में करीब 190 क्विंटल चौलाई की फसल कीड़े लगने से खराब हो गई है। काश्तकारों ने प्रशासन से क्षेत्र में फसल का निरीक्षण कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की।
क्षेत्र पंचायत सदस्य विजय सिंह नेगी ने बताया कि निजमुला घाटी के काश्तकारों की मुख्य फसल चौलाई है। काश्तकार इसे बाजार में करीब 60 रुपये किलो के हिसाब से बेचते हैं जिससे अच्छी आमदनी हो जाती है। प्रत्येक परिवार के खेत में पांच से छह क्विंटल चौलाई का उत्पादन हो जाता है। ग्रामीणों के आकलन के अनुसार ईराणी में 120 क्विंटल, पाणा में 50 और झींझी में 20 क्विंटल फसल कीड़े लगने से खराब हो गई है। उन्होंने प्रशासन से फसलों का कृषि विभाग की ओर से निरीक्षण करवाने और काश्तकारों को नुकसान का मुआवजा देने की मांग की।
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काश्तकारों ने प्रशासन से की मुआवजा दिलाने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। चमोली जिले के दूरस्थ क्षेत्र पाणा, ईराणी और झींझी में चौलाई की फसल पर कीड़े लगने से फसल खराब हो रही है। ऐसे में काश्तकारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। तीनों गांवों में करीब 190 क्विंटल चौलाई की फसल कीड़े लगने से खराब हो गई है। काश्तकारों ने प्रशासन से क्षेत्र में फसल का निरीक्षण कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की।
क्षेत्र पंचायत सदस्य विजय सिंह नेगी ने बताया कि निजमुला घाटी के काश्तकारों की मुख्य फसल चौलाई है। काश्तकार इसे बाजार में करीब 60 रुपये किलो के हिसाब से बेचते हैं जिससे अच्छी आमदनी हो जाती है। प्रत्येक परिवार के खेत में पांच से छह क्विंटल चौलाई का उत्पादन हो जाता है। ग्रामीणों के आकलन के अनुसार ईराणी में 120 क्विंटल, पाणा में 50 और झींझी में 20 क्विंटल फसल कीड़े लगने से खराब हो गई है। उन्होंने प्रशासन से फसलों का कृषि विभाग की ओर से निरीक्षण करवाने और काश्तकारों को नुकसान का मुआवजा देने की मांग की।
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