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Chamoli News: महिलाओं को आगे बढ़ना है तो त्यागनी होगी रुढि़वादी सोच
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महिला सशक्तीकरण पर आयोजित गोष्ठी में बोलीं सगर गांव की महिलाएं
महिलाओं के प्रति हम सभी को अपनी सोच बदलनी होगी साथ ही उन पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ आवाज भी उठानी होगी। पहाड़ की महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए रुढि़वादिता सोच त्यागनी होगी। महिलाएं संघर्ष और शिक्षा के बलबूते किसी भी क्षेत्र में मुकाम हासिल कर सकती हैं। मंडल घाटी के सगर गांव में अमर उजाला की ओर से आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में महिलाओं ने उक्त बातें कहीं।
महिला सशक्तीकरण पर आयोजित गोष्ठी में कामकाजी महिलाओं ने अपनी दिनचर्या और संघर्ष के बारे में बताया। सगर गांव की ज्योति नेगी ने बताया कि वे पिछले एक साल से खेतीबाड़ी और पशुपालन कर रही हैं। उन्हें ब्लॉग बनाने का शौक है इस कार्य में परिवार और पति का सहयोग मिला तो आज वह ब्लॉग से कमाई भी कर रही हैं। ज्योति ने कहा कि हमें आगे बढ़ने के लिए रुढि़वादिता को त्यागना होगा। अपनी संस्कृति, रीति-रिवाज, बोली-भाषा को संरक्षित करने के लिए भी आगे आने की जरूरत है। कलावती देवी ने कहा कि आज भी महिला अपराध कम नहीं हुए हैं। शिक्षा का स्तर जितना बढ़ा, उतना ही अपराध भी बढ़ रहा है। जन जागरूकता के कार्यक्रमों से ही अपराधों को रोका जा सकता है। पर्यावरण प्रेमी शिक्षक धन सिंह घरिया ने महिला अधिकारों के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर विजया देवी, संतोषी, सुशीला, लता, धनेश्वरी, कुंती, कमला देवी, देवेश्वरी, सरस्वती, पूजा, रमा, दिक्षा, आरती, लक्ष्मी, मुस्कान, मंदोधरी देवी आदि मौजूद रहे।
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महिलाओं के प्रति हम सभी को अपनी सोच बदलनी होगी साथ ही उन पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ आवाज भी उठानी होगी। पहाड़ की महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए रुढि़वादिता सोच त्यागनी होगी। महिलाएं संघर्ष और शिक्षा के बलबूते किसी भी क्षेत्र में मुकाम हासिल कर सकती हैं। मंडल घाटी के सगर गांव में अमर उजाला की ओर से आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में महिलाओं ने उक्त बातें कहीं।
महिला सशक्तीकरण पर आयोजित गोष्ठी में कामकाजी महिलाओं ने अपनी दिनचर्या और संघर्ष के बारे में बताया। सगर गांव की ज्योति नेगी ने बताया कि वे पिछले एक साल से खेतीबाड़ी और पशुपालन कर रही हैं। उन्हें ब्लॉग बनाने का शौक है इस कार्य में परिवार और पति का सहयोग मिला तो आज वह ब्लॉग से कमाई भी कर रही हैं। ज्योति ने कहा कि हमें आगे बढ़ने के लिए रुढि़वादिता को त्यागना होगा। अपनी संस्कृति, रीति-रिवाज, बोली-भाषा को संरक्षित करने के लिए भी आगे आने की जरूरत है। कलावती देवी ने कहा कि आज भी महिला अपराध कम नहीं हुए हैं। शिक्षा का स्तर जितना बढ़ा, उतना ही अपराध भी बढ़ रहा है। जन जागरूकता के कार्यक्रमों से ही अपराधों को रोका जा सकता है। पर्यावरण प्रेमी शिक्षक धन सिंह घरिया ने महिला अधिकारों के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर विजया देवी, संतोषी, सुशीला, लता, धनेश्वरी, कुंती, कमला देवी, देवेश्वरी, सरस्वती, पूजा, रमा, दिक्षा, आरती, लक्ष्मी, मुस्कान, मंदोधरी देवी आदि मौजूद रहे।
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