बांज के जंगल की रक्षा के लिए 34 साल पहले नंदासैंण के वन आंदोलन में भाग लेने वाले कई लोगों को सम्मानित किया गया। वन आंदोलन की वर्षगांठ के दौरान क्षेत्र के लोगों ने पर्यावरण संरक्षण के लिए करीब तीन किमी तक मानव श्रृंखला बनाकर आयोजन स्थल तक रैली निकाली। इसके बाद पद्मश्री मैती संस्था के संस्थापक व पर्यावरणविद कल्याण सिंह रावत का नागरिक अभिनंदन किया गया।
बुधवार को नंदासैंण में वन आंदोलन की 34वीं वर्षगांठ का शुभारंभ करते हुए विधायक अनिल नौटियाल ने कहा कि जंगलों की रक्षा करना हम सबका कर्तव्य है। पर्यावरण संरक्षण के लिए नंदासैंण क्षेत्र के गांवों ने जो अलख जगाई है वह हम सबके लिए प्रेरणास्रोत है। कार्यक्रम शुरू होने से पहले डुंग्री, बैनोली, एरोली, मलेठी, सुनाग्वाड़, माथर, मालई, कफलोड़ी, देवल, बैनोली, शैलेश्वर, तोली, धानई, नौटी, छांतोली सहित आसपास के गांवों की महिलाओं ने मानव श्रृंखला बनाकर करीब तीन किलोमीटर तक पर्यावरण संरक्षण के लिए रैली निकाली। उसके बाद जीआईसी नंदासैंण परिसर और वन पंचायत मालई की वन भूमि में बांज के पौधे रोपे। कार्यक्रम में क्रिकेटर प्रिया राज और कोच नरेंद्र शाह, अलकनंदा व केदारनाथ वन प्रभाग, जीआईसी नंदासैंण, देवभूमि शिक्षण संस्था और हाईस्कूल व इंटर में बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित किया गया। वनमंत्री सुबोध अनियाल ने फोन से संबोधित कर क्षेत्र के लोगों के पर्यावरण संरक्षण के प्रति चलाए जा रहे मिशन की सराहना की। इस मौके पर बीईओ एमएस नेगी, पालिकाध्यक्ष दमयंती रतूड़ी, प्रमुख चंद्रेश्वरी देवी, अनीता भंडारी, भुवन नौटियाल, मंगला कोठियाल, जितेंद्र कुमार, सतेंद्र भंडारी, विनोद नेगी, राजेंद्र सगोई, मोहन भंडारी, अशोक चौधरी, हरेंद्र चौधरी, राकेश पल्लव आदि थे।