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जोशीमठ नगर के संरक्षण के लिए गठित हो उच्च स्तरीय कमेटी

Fri, 08 Jul 2022 08:57 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 08 Jul 2022 08:57 PM IST
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High level committee should be constituted for the protection of Joshimath city
जोशीमठ संघर्ष समिति ने जोशीमठ नगर में हो रहे भूस्खलन व भू-धंसाव को रोकने के लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी गठित कर क्षेत्र का व्यापक अध्ययन करने व क्षेत्र के संरक्षण के लिए कार्ययोजना तैयार करने की मांग की। कहा गया कि कुछ दिनों पूर्व समिति ने अपनी तरफ से वरिष्ठ वैज्ञानिकों से जोशीमठ का सर्वे कराया था जिसमें क्षेत्र के व्यापक अध्ययन की बात कही गई। समिति के पदाधिकारियों ने अपनी इस रिपोर्ट और मांग को डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा। कहा यदि समिति की मांग पर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो कोर्ट की शरण लेंगे।
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संघर्ष समिति के संरक्षक अतुल सती और प्रवक्ता कमल रतूड़ी ने कहा कि जोशीमठ में नवंबर 2021 से भूस्खलन और भू-धंसाव से मकानों में दरारें आ रही हैं। तब से क्षेत्र में सड़कें भी लगातार धंस रही हैं। 30 से अधिक घरों में दरारें पड़ी हैं। जोशीमठ नगर को बचाने के लिए कोई योजना आज तक नहीं बनाई गई है। मौजूदा समय में जोशीमठ की आबादी लगभग 25 हजार है। यहां चारधाम यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों व पर्यटकों व वाहनों का दबाव बढ़ जाता है। क्षेत्र में हो रहे भूस्खलन व भू-धंसाव को देखते हुए यहां व्यापक व संपूर्ण अध्ययन के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित करने की जरूरत है।
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कहा गया कि बार-बार शासन-प्रशासन से आग्रह करने के बावजूद क्षेत्र का अध्ययन नहीं हुआ तो हाल ही में समिति ने स्वयं के प्रयासों से वरिष्ठ वैज्ञानिकों से क्षेत्र का स्वतंत्र सर्वे कराया और अध्ययन कर रिपोर्ट ली, जिसमें जोशीमठ में स्थित चट्टानों से छेड़छाड़ न करने, धौली व अलकनंदा नदी के तटबंधों का निर्माण करने व क्षेत्र में तमाम विकास की गतिविधियों को रोकने के लिए कहा गया है। कहा कि क्षेत्र के व्यापक अध्ययन की बात भी रिपोर्ट में की गई है। लिहाजा जोशीमठ क्षेत्र का व्यापक अध्ययन किया जाए, जिसके बाद क्षेत्र के संरक्षण के लिए कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि यदि समिति की मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई तो वे कोर्ट की शरण में जाएंगे।
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