फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Chamoli News ›   Government's focus should be on girl education and health facilities in the mountain

पहाड़ में बालिका शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं पर हो सरकार का फोकस

Sun, 29 Sep 2019 10:57 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 29 Sep 2019 10:57 PM IST
विज्ञापन
Government's focus should be on girl education and health facilities in the mountain
आदिबदरी में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं ने स्वास्थ्य सुविधाओें को बेहतर बनाने ? - फोटो : KARNPRYAG
अमर उजाला के अपराजिता अभियान के तहत आयोजित गोष्ठी में पहाड़ी क्षेत्रों में बालिका शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं पर खास देने की जरूरत बताई गई। वक्ताओं का कहना था कि पहाड़ के अनेक हिस्सों में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। दूरस्थ गांवों में डिग्री कालेज नहीं होने से बालिकाएं उच्च शिक्षा ग्रहण नहीं कर पाती हैं, जबकि स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं होने से महिलाएं कई प्रकार की गंभीर बीमारियों की चपेट में आ जाती हैं।
विज्ञापन

गोष्ठी का शुभारंभ पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य शकुंतला बरमोला ने किया। उन्होंने सरकार की ओर से महिलाओं के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई। कहा कि महिलाओं पर घर के कार्यों का अधिक दबाव रहता है, ऐसे में वे अपने स्वास्थ्य का ध्यान नहीं रख पाती हैं और उनको गंभीर बीमारियां जकड़ लेती हैं। प्रूडेंट एजूकेशन सेंटर की संचालिका शिवानी थपलियाल ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है। इसे सरकारी स्तर पर गांवों में घर-घर जाकर प्रचारित करना चाहिए। सामाजिक कार्यकर्ता गीता देवी ने कहा कि शराब के प्रचलन से आपराधिक घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। गांवों और शहरों में शराबखोरों के डर से महिलाओं का घर से बाहर निकलना दूभर हो गया है। महिलाएं घरेलू कलह का शिकार हो रही हैं। महिलाओं को शराब के विरोध में एकजुट होकर खड़ा होना चाहिए। ग्राम छिमटा की यशोदा नेगी ने कहा महिलाओं का आत्मनिर्भर होना बहुत जरूरी है। उन्हें व्यवसायिक दृष्टिकोण रखना चाहिए। स्वयं सहायता समूह के माध्यम से या डेरी उद्योग, मौन पालन, फल प्रसंस्करण व मशरूम उत्पादन से भी महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकती है। शांति शाह ने कहा कि महिलाओं को अपने कर्तव्यों की जानकारी तो होती है, लेकिन अपने अधिकारों व महिलाओं से संबंधित संविधान व कानून की जानकारी भी उन्हें रखनी चाहिए। गोष्ठी में प्रियंका, रंजू देवी, लक्ष्मी चौधरी, सोनी शाह आदि ने भी विचार रखे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed