{"_id":"65c6245b5598bfbc7b0363cc","slug":"fish-production-will-start-again-in-pindar-river-seeds-will-be-sown-karnpryag-news-c-48-1-sdrn1011-103690-2024-02-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamoli News: पिंडर नदी में फिर होगा मछलियों का उत्पादन, डाले जाएंगे बीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamoli News: पिंडर नदी में फिर होगा मछलियों का उत्पादन, डाले जाएंगे बीज
Fri, 09 Feb 2024 06:40 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Fri, 09 Feb 2024 06:40 PM IST
विज्ञापन
कुंवारी गांव में भूस्खलन रुकने के बाद साफ बहने लगी पिंडर नदी
सात माह तक मटमैली बहने के कारण मर रही थीं मछलियां
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। बागेश्वर जिले के कुंवारी गांव में भूस्खलन रुकने के बाद अब फिर से पिंडर नदी में मछलियों का उत्पादन किया जाएगा। पिछले सात महीनों से पिंडर नदी के मटमैली बहने से इसमें पाई जाने वाली ट्राउट मछलियां समाप्त हो रही थीं। अब चमोली जिले का मत्स्य विभाग पिंडर में मछलियों के बीज डालकर उत्पादन करेगा।
पिंडर नदी में ट्राउट, मेगा कार्क और रोहू प्रजाति की मछलियां अधिक मात्रा में पाई जाती हैं। इससे सैकड़ों लोगों का रोजगार भी जुड़ा है। वर्ष 2013 में कुंवारी गांव में भूस्खलन शुरू हुआ था जो धीरे-धीरे इस साल भी होता रहा। ऐसे में हर साल गाद और मलबा शंभू नदी में बहकर पिंडर नदी में आने से नदी दूषित हाेने लगी। पिछले साल भी करीब सात माह तक पिंडर नदी मटमैली बहती रही, जिससे ट्राउट के साथ कई मछलियां समाप्त हो रही थीं। अब भूस्खलन रुक गया है जिससे पानी साफ हो गया है। अब यहां मछलियां के बीज डाले जाएंगे। वहीं मत्स्य विभाग चमोली के प्रभारी जगदंबा राज का कहना है कि मछलियों की संख्या बढ़ाने के लिए पिंडर नदी में बीज डाले जाएंगे जिससे फिर से मछलियों की संख्या बढ़ जाएगी।
विज्ञापन
सात माह तक मटमैली बहने के कारण मर रही थीं मछलियां
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। बागेश्वर जिले के कुंवारी गांव में भूस्खलन रुकने के बाद अब फिर से पिंडर नदी में मछलियों का उत्पादन किया जाएगा। पिछले सात महीनों से पिंडर नदी के मटमैली बहने से इसमें पाई जाने वाली ट्राउट मछलियां समाप्त हो रही थीं। अब चमोली जिले का मत्स्य विभाग पिंडर में मछलियों के बीज डालकर उत्पादन करेगा।
पिंडर नदी में ट्राउट, मेगा कार्क और रोहू प्रजाति की मछलियां अधिक मात्रा में पाई जाती हैं। इससे सैकड़ों लोगों का रोजगार भी जुड़ा है। वर्ष 2013 में कुंवारी गांव में भूस्खलन शुरू हुआ था जो धीरे-धीरे इस साल भी होता रहा। ऐसे में हर साल गाद और मलबा शंभू नदी में बहकर पिंडर नदी में आने से नदी दूषित हाेने लगी। पिछले साल भी करीब सात माह तक पिंडर नदी मटमैली बहती रही, जिससे ट्राउट के साथ कई मछलियां समाप्त हो रही थीं। अब भूस्खलन रुक गया है जिससे पानी साफ हो गया है। अब यहां मछलियां के बीज डाले जाएंगे। वहीं मत्स्य विभाग चमोली के प्रभारी जगदंबा राज का कहना है कि मछलियों की संख्या बढ़ाने के लिए पिंडर नदी में बीज डाले जाएंगे जिससे फिर से मछलियों की संख्या बढ़ जाएगी।
विज्ञापन