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Chamoli News: सीपीआर व ऑटो इंजेक्टर का प्रशिक्षण लेंगे चमोली के गाइड
Tue, 17 Feb 2026 07:15 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Tue, 17 Feb 2026 07:15 PM IST
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- पर्यटन सचिव ने बताया, पर्यटन को बढ़ावा देने व पर्यटकों की सुरक्षा के लिए दिया जा रहा प्रशिक्षण
- देश का प्रथम राज्य जहां गाइडों को दिया जा रहा यह प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्योतिर्मठ। चमोली जिले में ट्रैकिंग व पर्वतारोहण सहित अन्य गतिविधि करवाने वाले गाइडों को पर्यटन विभाग की ओर से सीपीआर व ऑटो इंजेक्टर का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रदेश के ऋषिकेश और मसूरी मेंयह प्रशिक्षण शुरू कर दिया गया है। आगामी अप्रैल में चमोली में भी यह प्रशिक्षण शुरू किया जाएगा। उत्तराखंड पहला राज्य है जहां गाइडों को इस तरह का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। स्थानीय संस्कृति व पारंपरिक विरासत के संरक्षण के साथ ही पर्यटकों की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए पर्यटकों, ट्रैकरों के साथ चलने वाले गाइडों को इसके लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। पर्यटन सचिव धीरज गर्ब्याल ने बताया कि अच्छे गाइड तैयार करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। गंगा रीवर में राफ्टिंग के लिए करीब 700 गाइड हैं, उन्हें सीपीआर व फर्स्ट एड का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अभी तक 450 गाइड इसका प्रशिक्षण ले चुके हैं।
जो गाइड ट्रैकिंग रूटों पर जाते हैं और जिन्होंने बेसिक व एडवांस कोर्स किया हुआ है उनकाे भी सीपीआर, ऑटो इंजेक्टर व फर्स्ट एड का प्रशिक्षण दिया जाएगा। ताकि किसी आपात स्थिति में पर्यटकों को सुरक्षित किया जा सके। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जो गाइडों को इस तरह प्रशिक्षण दे रहा है।
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- देश का प्रथम राज्य जहां गाइडों को दिया जा रहा यह प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्योतिर्मठ। चमोली जिले में ट्रैकिंग व पर्वतारोहण सहित अन्य गतिविधि करवाने वाले गाइडों को पर्यटन विभाग की ओर से सीपीआर व ऑटो इंजेक्टर का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रदेश के ऋषिकेश और मसूरी मेंयह प्रशिक्षण शुरू कर दिया गया है। आगामी अप्रैल में चमोली में भी यह प्रशिक्षण शुरू किया जाएगा। उत्तराखंड पहला राज्य है जहां गाइडों को इस तरह का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। स्थानीय संस्कृति व पारंपरिक विरासत के संरक्षण के साथ ही पर्यटकों की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए पर्यटकों, ट्रैकरों के साथ चलने वाले गाइडों को इसके लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। पर्यटन सचिव धीरज गर्ब्याल ने बताया कि अच्छे गाइड तैयार करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। गंगा रीवर में राफ्टिंग के लिए करीब 700 गाइड हैं, उन्हें सीपीआर व फर्स्ट एड का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अभी तक 450 गाइड इसका प्रशिक्षण ले चुके हैं।
जो गाइड ट्रैकिंग रूटों पर जाते हैं और जिन्होंने बेसिक व एडवांस कोर्स किया हुआ है उनकाे भी सीपीआर, ऑटो इंजेक्टर व फर्स्ट एड का प्रशिक्षण दिया जाएगा। ताकि किसी आपात स्थिति में पर्यटकों को सुरक्षित किया जा सके। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जो गाइडों को इस तरह प्रशिक्षण दे रहा है।
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