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Chamoli: नृसिंह मंदिर में विराजमान हुई आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी, रावल अमरनाथ ने की पूजा-अर्चना
Tue, 19 Nov 2024 08:37 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ज्योतिर्मठ (चमोली)
संवाद न्यूज एजेंसी, ज्योतिर्मठ (चमोली)
Updated Tue, 19 Nov 2024 08:37 PM IST
सार
योग बदरी में सुबह पूजा-अर्चना के बाद बदरीनाथ धाम के रावल अमरनाथ नंबूदरी, धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, वेदपाठी व अन्य स्थानीय लोग आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी के साथ दोपहर करीब 12 बजे ज्योतिर्मठ स्थित नृसिंह मंदिर पहुंचे।
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ज्योतिर्मठ के नृसिंह मंदिर में विराजमान हुई आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी। संवाद
विस्तार
आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी मंगलवार को ज्योतिर्मठ पहुंची। पूजा-अर्चना के साथ गद्दी को नृसिंह मंदिर में गद्दीस्थल पर विराजमान कर दिया गया।
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बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के बाद कुबेर व उद्धव की डोली सोमवार को योग बदरी पांडुकेश्वर में विराजमान हो गई। इसके बाद मंगलवार को योग बदरी में सुबह पूजा-अर्चना के बाद बदरीनाथ धाम के रावल अमरनाथ नंबूदरी, धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, वेदपाठी व अन्य स्थानीय लोग आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी के साथ दोपहर करीब 12 बजे ज्योतिर्मठ स्थित नृसिंह मंदिर पहुंचे। लोगों ने गद्दी का भव्य स्वागत किया और महिलाओं ने भजन गाए।
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रावल ने नृसिंह मंदिर पहुंचने के बाद लक्ष्मी मंदिर में पूजाएं संपन्न कीं। इसके बाद आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी को नृसिंह मंदिर में गद्दीस्थल पर विराजमान कर दिया गया। गद्दी के दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय लोग पहुंचे थे। इस अवसर पर देव पुजाई के अध्यक्ष भगवती प्रसाद नंबूरी, सोहन सिंह बैजवाड़ी, नयन पंवार, अजीत कवांण, लक्ष्मण सिंह फरकिया, अरुणा नेगी, मनीषा सती, दमयंती भंडारी आदि मौजूद रहे।