Badrinath Dham: अब पुलिस सत्यापन के बाद ही साधुओं को मिलेगी धाम में तपस्या की अनुमति, अब तक 14 ने किया आवेदन
Badrinath Dham: पिछले साल तक साधुओं को प्रशासन से सीधे अनुमति मिल जाती थी लेकिन इस साल पहले साधुओं का पुलिस की ओर से सत्यापन होगा, उसके बाद ही प्रशासन से धाम में रहने की अनुमति मिलेगी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पुलिस की ओर से साधुओं के सत्यापन के बाद ही उन्हें बदरीनाथ धाम में शीतकाल में तपस्या के लिए अनुमति दी जाएगी। प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से इस साल से यह नियम लागू किया है। अभी तक प्रशासन के पास 14 साधुओं ने तपस्या के लिए अनुमति मांगी है।
बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के बाद हर साल यहां साधु तपस्या के लिए पहुंचते हैं। पिछले साल तक साधुओं को प्रशासन से सीधे अनुमति मिल जाती थी लेकिन इस साल पहले साधुओं का पुलिस की ओर से सत्यापन होगा, उसके बाद ही प्रशासन से धाम में रहने की अनुमति मिलेगी।
पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार ने बताया कि शीतकाल में बदरीनाथ धाम में रहने वाले लोगों और साधु संतों को सत्यापन के बाद ही अनुमति दी जाएगी। अभी तक 14 साधुओं ने अनुमति मांगी है। उनके सत्यापन की प्रक्रिया चल रही है।
Haridwar: जंगल सफरी करने का बढ़ा क्रेज, राजाजी टाइगर रिजर्व की चीला रेंज के गेट खुलते ही अधिकांश स्लॉट बुक
आम लोगों का प्रवेश रहता है बंद
दरअसल कपाट बंद होने के बाद धाम में आम लोगों का प्रवेश बंद कर दिया जाता है। वहां पर सेना, आईटीबीपी के जवान तैनात रहते हैं साथ ही बीकेटीसी के कर्मचारी भी देखरेख के लिए वहां पर रहते हैं। इस समय धाम में मास्टर प्लान के काम चल रहे हैं, इसलिए मास्टर प्लान से जुड़े मजदूर व अन्य लोग ही वहां पर जा सकते हैं। वहीं साधु भी कुटिया बनाकर धाम में साधना करने के लिए बदरीनाथ जाते हैं।