{"_id":"5cf6a507bdec22073706e1fd","slug":"155966797110-gopeshwar-news45","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब रुद्रनाथ ट्रैक का रखरखाव होगा ग्रामीणों के हाथ में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब रुद्रनाथ ट्रैक का रखरखाव होगा ग्रामीणों के हाथ में
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
गोपेश्वर। रुद्रनाथ ट्रेक का रख रखाव अब ग्रामीणों के हाथों में देने की तैयारी है। वन विभाग रखरखाव के लिए ग्रामीणों की एक पर्यावरणीय विकास समिति (ईको डेवलपमेंट कमेटी) गठित करने जा रहा है, जो इस ट्रैक की सारी व्यवस्थाओं को देखने के साथ ही रखरखाव भी करेगा।
रुद्रनाथ ट्रेक का अधिकांश हिस्सा केदारनाथ वन्य जीव विहार में आता है। इस ट्रेक पर आने वाले पर्यटकों को कई समस्याएं झेलनी पड़ती हैं। वहीं वन विभाग भी यहां आने जाने वाले पर्यटकों का पूरा विवरण नहीं रख पाता है। अब वन विभाग रुद्रनाथ ट्रेक के रखरखाव व प्रबंधन की जिम्मेदारी ग्रामीणों के हाथ में सौंपने जा रहा है। इसके लिए वन विभाग ट्रेक पर पड़ने वाले गांवों के ग्रामीणों की पर्यावरणीय विकास समिति (ईको डेवलपमेंट कमेटी) गठित करने जा रहा है। रुद्रनाथ ट्रेक तीन स्थानों सगर, मंडल व कुजों गांव तीन जगहों से शुरू होता है और 18 किमी का है। इस ट्रेक के आसपास करीब एक दर्जन गांव हैं। वन विभाग इन्हीं गांवों ग्रामीणों को ईडीसी में शामिल करेगा। ईडीसी कैसे कार्य करेगी इसके लिए विभाग ने खाका तैयार किया है, जिसे जल्द ग्रामीणों के साथ साझा किया जाएगा। केदारनाथ वन प्रभाग के डीएफओ अमित कंवर ने बताया कि पांच जून को पर्यावरण दिवस पर ग्रामीणों से बैठक कर इस पर चर्चा की जाएगी।
रुद्रनाथ ट्रेक का अधिकांश हिस्सा केदारनाथ वन्य जीव विहार में आता है। इस ट्रेक पर आने वाले पर्यटकों को कई समस्याएं झेलनी पड़ती हैं। वहीं वन विभाग भी यहां आने जाने वाले पर्यटकों का पूरा विवरण नहीं रख पाता है। अब वन विभाग रुद्रनाथ ट्रेक के रखरखाव व प्रबंधन की जिम्मेदारी ग्रामीणों के हाथ में सौंपने जा रहा है। इसके लिए वन विभाग ट्रेक पर पड़ने वाले गांवों के ग्रामीणों की पर्यावरणीय विकास समिति (ईको डेवलपमेंट कमेटी) गठित करने जा रहा है। रुद्रनाथ ट्रेक तीन स्थानों सगर, मंडल व कुजों गांव तीन जगहों से शुरू होता है और 18 किमी का है। इस ट्रेक के आसपास करीब एक दर्जन गांव हैं। वन विभाग इन्हीं गांवों ग्रामीणों को ईडीसी में शामिल करेगा। ईडीसी कैसे कार्य करेगी इसके लिए विभाग ने खाका तैयार किया है, जिसे जल्द ग्रामीणों के साथ साझा किया जाएगा। केदारनाथ वन प्रभाग के डीएफओ अमित कंवर ने बताया कि पांच जून को पर्यावरण दिवस पर ग्रामीणों से बैठक कर इस पर चर्चा की जाएगी।
विज्ञापन