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Chamoli: धारकोट गांव में भूस्खलन से मकानों में पड़ी दरारें, 10 मकान अतिसंवेदनशील, लोगों में दहशत का माहौल
Fri, 27 Sep 2024 07:15 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Fri, 27 Sep 2024 07:15 PM IST
सार
दशोली ब्लॉक के अंतर्गत धारकोट गांव के नीचे लंबे समय से भूस्खलन हो रहा था। इस साल यहां भूस्खलन तेज हो गया है जिससे यहां 31 मकानों में दरारें आ गई हैं।
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चमोली के धारकोट गांव में महिलाओं से बात करते राजस्व कर्मी। स्रोत जागरुक पाठक
विस्तार
धारकोट गांव में भूस्खलन से मकानों में दरारें आ रही हैं जिससे लोगों में दहशत का माहौल है। प्रशासन ने गांव का निरीक्षण करते हुए 10 मकानों को अतिसंवेदनशील माना। उन्होंने परिवारों को सुरक्षित जगहों पर जाने की सलाह दी। उन्होंने गांव का भूगर्भीय सर्वेक्षण कराने की बात कही।
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दशोली ब्लॉक के अंतर्गत धारकोट गांव के नीचे लंबे समय से भूस्खलन हो रहा था। इस साल यहां भूस्खलन तेज हो गया है जिससे यहां 31 मकानों में दरारें आ गई हैं। लोग दरारें वाले घरों में ही रहने को मजबूर हैं। बृहस्पतिवार को राजस्व उपनिरीक्षक शांति प्रसाद डिमरी के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम ने गांव का निरीक्षण किया। उन्होंने 10 मकानों को अतिसंवेदनशील बताया।
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कहा कि जब तक प्रशासन की ओर से व्यवस्था नहीं हो जाती तब तक गांव में दूसरी जगहों पर सुरक्षित घरों पर चले जाएं। साथ ही ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। साथ ही गांव का भूगर्भीय सर्वेक्षण कराने की भी सिफारिश की है।
वहीं ग्राम प्रधान सुनीता फरस्वाण, राजेंद्र, नरेंद्र तोपाल आदि का कहना है कि सरकार को प्रभावित परिवारों के विस्थापन के लिए जल्द से जल्द कार्रवाई करनी चाहिए। गांव के जो क्षेत्र सुरक्षित जगह पर हैं वहां प्रभावित परिवारों के घर बनाए जा सकते हैं। प्रधान सुनीता ने कहा कि सुरक्षित जगह पर उनका खेत है, जिसे वह एक मकान बनाने के लिए दे सकते हैं।