फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   candidates back off their nomination as bjp president gets stern

हाईकमान सख्त, भाजपा अध्यक्ष पद के पर्चे वापस

Mon, 21 Jan 2013 10:16 AM IST
देहरादून/ब्यूरो
देहरादून/ब्यूरो Updated Mon, 21 Jan 2013 10:16 AM IST
विज्ञापन
candidates back off their nomination as bjp president gets stern

हाईकमान की सख्ती के बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पद को लेकर पिछले तीन दिनों से मची खींचतान रविवार को फिलहाल थम गई। शुक्रवार को इस पद के लिए नामांकन दाखिल करने वाले दोनों खेमों के प्रत्याशियों त्रिवेंद्र सिंह रावत और तीरथ सिंह रावत ने नाम वापस ले लिए।

विज्ञापन


हालांकि यह खींचतान का ही असर था कि नाम वापसी का समय (दोपहर 12 बजे) बीतने के लगभग छह घंटे बाद पर्चे वापस हुए। बाद में दोनों ने हाईकमान के निर्णय को सबसे ऊपर बताया। कहा गया है कि अब नए प्रदेश अध्यक्ष के लिए सर्वसम्मति का रास्ता अपनाया जाएगा।
विज्ञापन


शनिवार रात पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी के साथ पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी की मुलाकात के बाद यह तय हो गया था कि रविवार को फिलहाल इस ड्रामे का पटाक्षेप हो जाएगा। शनिवार रात को ही पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूरी को भी हाईकमान का संदेश मिल गया था। इसके बाद चुनाव अधिकारी केदार जोशी सुबह से ही दोनों प्रत्याशियों की नाम वापसी का इंतजार कर रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


हालांकि दोनों शाम करीब पौने छह बजे पार्टी कार्यालय पहुंचे। कुछ ही देर बाद चुनाव अधिकारी ने वापस आकर दोनों प्रत्याशियों के नामांकन वापस लेने की अधिकृत सूचना दी। उन्होंने कहा कि अब पार्टी की संस्कृति के अनुसार सर्वसम्मति का रास्ता अपनाया जाएगा। लेकिन नामांकन दाखिल करना भी पार्टी के लोकतंत्र की प्रक्रिया थी।

उन्होंने कहा कि चूंकि दो ही उम्मीदवार थे और दोनों ने ही पर्चे वापस ले लिए हैं, इसलिए यह चुनाव प्रक्रिया यहीं समाप्त हो जाती है। त्रिवेंद्र, तीरथ दोनों ने कहा कि पार्टी की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए नाम वापस लिया है।

उल्लेखनीय है कि तीरथ बीसी खंडूरी व रमेश पोखरियाल निशंक और त्रिवेंद्र कोश्यारी के समर्थन से मैदान में उतरे थे। दोनों नामांकन कोश्यारी को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चाओं के बीच दाखिल हुए थे।


भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बिशन सिंह चुफाल का कहना है कि केंद्रीय नेतृत्व ने चाहा कि चुनाव प्रक्रिया अपनाई जाए तो चुनाव कार्यक्रम जारी किया। सर्वसम्मति बनाने का निर्णय लिया तो प्रत्याशियों ने नाम वापस ले लिए। एक अनुशासित पार्टी होने का इससे बेहतर उदाहरण क्या हो सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed