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चीन बॉर्डर तक पहुंचेगी उत्तराखंड रोडवेज की बस
अंकित चौधरी/देहरादून
Updated Thu, 13 Jun 2013 12:40 PM IST
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अगर सब कुछ योजना के मुताबिक हुआ तो उत्तराखंड रोडवेज की बस चीन बॉर्डर के नजदीक तक पहुंचेगी। दून से 420 किलोमीटर की आवाजाही का यह सफर बस 4 दिन में पूरा करेगी।
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रोडवेज की ओर से एक टीआई को जोशीमठ से माणा-नीति रोड सर्वे के लिए चार दिन पहले ही भेजा गया था।
वह बृहस्पतिवार को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे। अधिकारियों के मुताबिक रिपोर्ट सकारात्मक रही तो पहली बार बस का संचालन माणा-नीति तक करने का रास्ता साफ हो जाएगा।
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अगले सप्ताह से ये सेवा शुरू करने की योजना है। पहले चरण में तीन माह तक बस को ट्रायल बेस पर चलाकर देखा जाएगा।
तकनीक विभाग के महाप्रबंधक दीपक जैन के अनुसार ऐसा पहली बार होगा कि रोडवेज बस चीन के नजदीक पहुंचेगी।
सामरिक लिहाज से होगी अहम
रोडवेज बस का चीन बॉर्डर के पास तक पहुंचना देश के लिए सामरिक लिहाज से भी अहम साबित होगा। क्योंकि चीन की ओर से तो बॉर्डर तक पहले ही ट्रांसपोर्ट सिस्टम दुरुस्त कर लिया गया है। लेकिन भारत की ओर से उत्तराखंड क्षेत्र में वाहन बॉर्डर तक नहीं पहुंच पाते हैं।
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साधारण ईंधन ने नहीं बनेगी बात
जम्मू-कश्मीर परिवहन निगम की बसों का लंबे समय से लेह तक संचालन हो रहा है। लेकिन वहां ऊंचाई पर बसें ले जाने के लिए रोडवेज बस में अलग प्रकार का डीजल डाला जाता है।
जो तापमान जीरो डिग्री सेल्सियस से काफी नीचे होने पर भी नहीं जमता। वहां बस चलाते वक्त कई बार चालक को बस रोककर अन्य तरीकों से उसका इंजन आयल भी जमने से बचाने के लिए गर्म करना पड़ता है।
रिपोर्ट सही मिलते ही ट्रायल के तौर पर बस संचालन शुरू कराएंगे। रिस्पांस ठीक रहा तो बस नियमित कर दी जाएगी।
-आशीष कुमार, जीएम (संचालन)
मुख्य सचिव सुभाष कुमार ने यह सुझाव दिया था। इस पर अमल करते हुए ही टीआई को निरीक्षण के लिए भेजा गया। रिपोर्ट का इंतजार है।
-सीएस भट्ट, एमडी रोडवेज