{"_id":"5d9344b08ebc3e93b24e3e76","slug":"workshop-is-helpfull-in-understanding-science-bageshwar-news-hld358782136","type":"story","status":"publish","title_hn":"विज्ञान को समझने में सहायक होती हैं कार्यशालाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विज्ञान को समझने में सहायक होती हैं कार्यशालाएं
विज्ञापन
जीजीआईसी बागेश्वर में लगी विज्ञान प्रदर्शनी में अपना मॉडल दिखाते प्रतिभागी।
- फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज बागेश्वर में एलायंस फॉर साइंस के तहत आयोजित चार दिवसीय विज्ञान पाठ्यक्रम आधारित मॉडल निर्माण कार्यशाला का मंगलवार को समापन हो गया है। डायट के प्राचार्य षष्टी बल्लभ जोशी ने कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं विज्ञान को समझने और रोचक बनाने में सहायक होती हैं।
मुख्य शिक्षा अधिकारी नरेश शर्मा ने कहा कि इस तरह की विज्ञान कार्यशाला डायट के सहयोग से जिले के अन्य क्षेत्रों में भी करने का प्रयास किया जाएगा। मुख्य संदर्भदाता आशुतोष उपाध्याय ने कहा कि सवाल पूछना और चीजों का अनुभव करना विज्ञान है। विज्ञान मेले में 72 छात्र-छात्राओं ने उच्च प्राथमिक स्तर के पाठ्यक्रम से संबंधित 36 मॉडल बनाए।
मेले में विभिन्न विद्यालयों के करीब 500 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। वहां प्रधानाचार्या शोभा, विज्ञान कार्यक्रम समन्वय डा. शैलेंद्र सिंह धपोला, डा. प्रेम सिंह मावड़ी, आशीष कांडपाल, शिक्षाधिकारी पूनम चौहान, कपकोट बीईओ रमेश मौर्या, गरुड़ उमेद सिंह रावत, केएन जोशी, डा. सीएम जोशी, डा. केएस रावत, डा. दयासागर, डा. मनोज कुमार आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुख्य शिक्षा अधिकारी नरेश शर्मा ने कहा कि इस तरह की विज्ञान कार्यशाला डायट के सहयोग से जिले के अन्य क्षेत्रों में भी करने का प्रयास किया जाएगा। मुख्य संदर्भदाता आशुतोष उपाध्याय ने कहा कि सवाल पूछना और चीजों का अनुभव करना विज्ञान है। विज्ञान मेले में 72 छात्र-छात्राओं ने उच्च प्राथमिक स्तर के पाठ्यक्रम से संबंधित 36 मॉडल बनाए।
विज्ञापन
मेले में विभिन्न विद्यालयों के करीब 500 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। वहां प्रधानाचार्या शोभा, विज्ञान कार्यक्रम समन्वय डा. शैलेंद्र सिंह धपोला, डा. प्रेम सिंह मावड़ी, आशीष कांडपाल, शिक्षाधिकारी पूनम चौहान, कपकोट बीईओ रमेश मौर्या, गरुड़ उमेद सिंह रावत, केएन जोशी, डा. सीएम जोशी, डा. केएस रावत, डा. दयासागर, डा. मनोज कुमार आदि मौजूद थे।
विज्ञापन