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सैनिक कल्याण कर्मचारियों का कार्यबहिष्कार शुरु
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बागेश्वर में कार्यबहिष्कार करते सैनिक कल्याण कर्मचारी। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय के कर्मचारियों ने विभागीय संविदा में नियुक्त करने, सातवें वेतनमान का लाभ दिए जाने और नियत समय पर वेतन भुगतान को लेकर कार्य बहिष्कार शुरू कर धरना दिया।
कर्मचारियों ने सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास निदेशक बिग्रेडियर केबी चंद को भेजे पत्र में कहा है कि उपनल के माध्यम से नियुक्त संविदा कर्मचारियों को विभागीय संविदा पर नियुक्त करने को लेकर प्रस्ताव शासन को उपलब्ध कराया गया है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों ने शासन को अवगत कराया था कि वाद न्यायालय में लंबित होने के चलते फैसला आने तक विभागीय संविदा पर नियुक्ति नहीं दी जा सकती है। कहा है कि केंद्रीय सैनिक बोर्ड की गाइडलाइन और राज्य सरकार के शासनादेशों में अधिकारियों और कर्मचारियों को नियुक्त किए जाने की समान व्यवस्था है लेकिन सैनिक कल्याण विभाग में अधिकारियों को विभागीय संविदा पर नियुक्त किया गया है और कर्मचारियों को उपनल के माध्यम से नियुक्त किया जा रहा है।
कहा है कि विभाग ने ईपीएफ भी बंद करा दिया है। इसकी शिकायत करने के बाद ईपीएफ अंशदान जमा किया जाने लगा, लेकिन वर्ष 2010 से 2019 तक कर्मचारियों के ईपीएफ खाते में धनराशि जमा नहीं हुई। विभाग की ओर से कर्मचारियों को मिलने वाले लाभों से वंचित रखा गया है। धरने में रमेश चंद्र तिवारी, दीप चंद्र बिष्ट, सोबन सिंह बिष्ट, मोहन चंद्र पंत, बसंत बल्लभ, जगदीश सिंह, नरेंद्र सिंह, चंद्रशेखर दुबे, दान सिंह, किशन सिंह, कमला तिवाड़ी, महेश राम, मनोज कुमार आदि बैठे। संवाद
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कर्मचारियों ने सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास निदेशक बिग्रेडियर केबी चंद को भेजे पत्र में कहा है कि उपनल के माध्यम से नियुक्त संविदा कर्मचारियों को विभागीय संविदा पर नियुक्त करने को लेकर प्रस्ताव शासन को उपलब्ध कराया गया है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों ने शासन को अवगत कराया था कि वाद न्यायालय में लंबित होने के चलते फैसला आने तक विभागीय संविदा पर नियुक्ति नहीं दी जा सकती है। कहा है कि केंद्रीय सैनिक बोर्ड की गाइडलाइन और राज्य सरकार के शासनादेशों में अधिकारियों और कर्मचारियों को नियुक्त किए जाने की समान व्यवस्था है लेकिन सैनिक कल्याण विभाग में अधिकारियों को विभागीय संविदा पर नियुक्त किया गया है और कर्मचारियों को उपनल के माध्यम से नियुक्त किया जा रहा है।
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कहा है कि विभाग ने ईपीएफ भी बंद करा दिया है। इसकी शिकायत करने के बाद ईपीएफ अंशदान जमा किया जाने लगा, लेकिन वर्ष 2010 से 2019 तक कर्मचारियों के ईपीएफ खाते में धनराशि जमा नहीं हुई। विभाग की ओर से कर्मचारियों को मिलने वाले लाभों से वंचित रखा गया है। धरने में रमेश चंद्र तिवारी, दीप चंद्र बिष्ट, सोबन सिंह बिष्ट, मोहन चंद्र पंत, बसंत बल्लभ, जगदीश सिंह, नरेंद्र सिंह, चंद्रशेखर दुबे, दान सिंह, किशन सिंह, कमला तिवाड़ी, महेश राम, मनोज कुमार आदि बैठे। संवाद
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