{"_id":"5dacab728ebc3e01346ce01d","slug":"water-crises-in-bageshwar-bageshwar-news-hld3611675191","type":"story","status":"publish","title_hn":"कब तक टैंकर के पानी पर निर्भर रहेंगे साहब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कब तक टैंकर के पानी पर निर्भर रहेंगे साहब
विज्ञापन
बागेश्वर में नलों में पानी नहीं आने पर टैंकरों से जल भरते लोग।
- फोटो : BAGESHWAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागेश्वर। अमसरकोट पेयजल योजना 20 दिन बाद भी नहीं सुधारी जा सकी है। इस कारण नदी किनारे रहने वाले लोग भी पानी को तरस गए हैं।
शहर के तहसील रोड, नदीगांव, मजियाखेत आदि क्षेत्रों में करीब 20 दिनों से जलापूर्ति नहीं हो पा रही है। जलसंस्थान एकमात्र टैंकर के सहारे पानी बांटने की कोशिश कर रहा है, लेकिन अब लोग इस व्यवस्था से भी आक्रोशित होने लगे हैं। उनका कहना है कि आखिर कब तक वे टैंकर, हैंडपंप के पानी पर निर्भर रहेंगे। तहसील रोड के सैकड़ों घरों में जल आपूर्ति नहीं हो रही है। इसके चलते लोग परेशान हैं।
पानी न होने से दिनचर्या समेत सामान्य कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। रोज नहाना और कपड़े धोना मुश्किल हो गया है। लोगों ने विभाग के खिलाफ रोष प्रकट करते हुए शीघ्र जलापूर्ति की मांग की है। मांग पूरी नहीं होने पर उन्होंने आंदोलन की चेतावनी दी है। वहीं जल संस्थान के ईई एमके टम्टा ने बताया कि अमसरकोट रोड पर हो रहे भूस्खलन से कई बार पाइपलाइन टूट चकी है। इस कारण अब वहां रबर का पाइप लगाया जा चुका है।
---------
आखिरकार जल संस्थान ने बंद कर ही दी लीकेज
बागेश्वर। यहां मॉल रोड समेत कई स्थानों पर जल संस्थान की पाइप लाइनें लीक हैं। इस कारण जल प्रदूषण हो रहा है। पाइपलाइन में प्रेशर भी कम हो गया है और सड़क भी टूटती जा रही है। कई लोगों ने जल संस्थान से इन लीकेज को बंद कर स्वच्छ पेयजल दिलाने की मांग की थी। इसके मद्देनजर जल संस्थान के फील्ड कर्मचारियों ने रविवार को एनएच पर गड्ढा कर लीकेज को बंद कर दिया। इस पर क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली है।
विज्ञापन
-----
जल संस्थान करेगा मजियाखेत की पेयजल पेयजल योजना का संचालन
बागेश्वर। मजियाखेत मोहल्ले की पेयजल पेयजल योजना का संचालन अब जल संस्थान करेगा। इसके लिए एसडीएम राकेश तिवारी की मौजूदगी में हुई बैठक में जल संस्थान के एई सीएस देवड़ी ने योजना का रखरखाव कर रही समिति के पदाधिकारियों को नियमों की जानकारी दी। संपत्ति हस्तांतरण से पहले जल्द ही योजना का संयुक्त निरीक्षण किया जाएगा। इसके बाद योजना को सुधारने की कार्रवाई होगी। इसके बाद जल संस्थान जजी परिसर में बड़ा पेयजल टैंक बनाएगा।
मजियाखेत पहले ग्रामीण क्षेत्र था, तब वहां स्वैप मोड में अमसरकोट से पेयजल पेयजल योजना बनी थी। इसका संचालन ग्रामीण पेयजल समिति कर रही थी। पिछले साल मजियाखेत गांव नगर पालिका में शामिल हो गया। तब से पालिका क्षेत्र में पेयजल वितरण की पूरी संपत्ति जल संस्थान को हस्तांतरित होनी चाहिए थी लेकिन किन्हीं कारणों से ऐसा नहीं हो सका। पिछले दिनों लोगों ने पेयजल योजना का संचालन वार्ड मेंबर के माध्यम से करने की मांग की थी। डीएम रंजना राजगुरु ने एसडीएम को मामले की जांच के आदेश दिए थे। इसलिए रविवार को एसडीएम सदर राकेश चंद्र तिवारी ने संबंधित पक्षों के साथ बैठक की।
समिति से जुड़े लोगों ने पेयजल योजना को पूर्ववत चलाने की मांग की जबकि एसडीएम ने मानकों का पालन करवाने को कहा। बताया कि जल्द ही जल संस्थान, पालिका, राजस्व टीम की टीम संयुक्त निरीक्षण करेगी। इसके बाद योजना जल संस्थान को हस्तांतरित की जाएगी। जलसंस्थान ने बेहतर वितरण व्यवस्था के लिए नया पेयजल टैंक बनाने, वर्तमान स्टाफ की आउटसोर्सिंग का भी आश्वासन दिया। बैठक में ज्वालादेवी वार्ड की सभासद निर्मला दफौटी, नगर पालिका के ईओ राजदेव जायसी, पेयजल समिति अध्यक्ष मंजू बिष्ट, विमला देवी, जगदीश मेहता आदि रहे।
विज्ञापन
शहर के तहसील रोड, नदीगांव, मजियाखेत आदि क्षेत्रों में करीब 20 दिनों से जलापूर्ति नहीं हो पा रही है। जलसंस्थान एकमात्र टैंकर के सहारे पानी बांटने की कोशिश कर रहा है, लेकिन अब लोग इस व्यवस्था से भी आक्रोशित होने लगे हैं। उनका कहना है कि आखिर कब तक वे टैंकर, हैंडपंप के पानी पर निर्भर रहेंगे। तहसील रोड के सैकड़ों घरों में जल आपूर्ति नहीं हो रही है। इसके चलते लोग परेशान हैं।
पानी न होने से दिनचर्या समेत सामान्य कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। रोज नहाना और कपड़े धोना मुश्किल हो गया है। लोगों ने विभाग के खिलाफ रोष प्रकट करते हुए शीघ्र जलापूर्ति की मांग की है। मांग पूरी नहीं होने पर उन्होंने आंदोलन की चेतावनी दी है। वहीं जल संस्थान के ईई एमके टम्टा ने बताया कि अमसरकोट रोड पर हो रहे भूस्खलन से कई बार पाइपलाइन टूट चकी है। इस कारण अब वहां रबर का पाइप लगाया जा चुका है।
विज्ञापन
---------
आखिरकार जल संस्थान ने बंद कर ही दी लीकेज
बागेश्वर। यहां मॉल रोड समेत कई स्थानों पर जल संस्थान की पाइप लाइनें लीक हैं। इस कारण जल प्रदूषण हो रहा है। पाइपलाइन में प्रेशर भी कम हो गया है और सड़क भी टूटती जा रही है। कई लोगों ने जल संस्थान से इन लीकेज को बंद कर स्वच्छ पेयजल दिलाने की मांग की थी। इसके मद्देनजर जल संस्थान के फील्ड कर्मचारियों ने रविवार को एनएच पर गड्ढा कर लीकेज को बंद कर दिया। इस पर क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली है।
विज्ञापन
-----
जल संस्थान करेगा मजियाखेत की पेयजल पेयजल योजना का संचालन
बागेश्वर। मजियाखेत मोहल्ले की पेयजल पेयजल योजना का संचालन अब जल संस्थान करेगा। इसके लिए एसडीएम राकेश तिवारी की मौजूदगी में हुई बैठक में जल संस्थान के एई सीएस देवड़ी ने योजना का रखरखाव कर रही समिति के पदाधिकारियों को नियमों की जानकारी दी। संपत्ति हस्तांतरण से पहले जल्द ही योजना का संयुक्त निरीक्षण किया जाएगा। इसके बाद योजना को सुधारने की कार्रवाई होगी। इसके बाद जल संस्थान जजी परिसर में बड़ा पेयजल टैंक बनाएगा।
मजियाखेत पहले ग्रामीण क्षेत्र था, तब वहां स्वैप मोड में अमसरकोट से पेयजल पेयजल योजना बनी थी। इसका संचालन ग्रामीण पेयजल समिति कर रही थी। पिछले साल मजियाखेत गांव नगर पालिका में शामिल हो गया। तब से पालिका क्षेत्र में पेयजल वितरण की पूरी संपत्ति जल संस्थान को हस्तांतरित होनी चाहिए थी लेकिन किन्हीं कारणों से ऐसा नहीं हो सका। पिछले दिनों लोगों ने पेयजल योजना का संचालन वार्ड मेंबर के माध्यम से करने की मांग की थी। डीएम रंजना राजगुरु ने एसडीएम को मामले की जांच के आदेश दिए थे। इसलिए रविवार को एसडीएम सदर राकेश चंद्र तिवारी ने संबंधित पक्षों के साथ बैठक की।
समिति से जुड़े लोगों ने पेयजल योजना को पूर्ववत चलाने की मांग की जबकि एसडीएम ने मानकों का पालन करवाने को कहा। बताया कि जल्द ही जल संस्थान, पालिका, राजस्व टीम की टीम संयुक्त निरीक्षण करेगी। इसके बाद योजना जल संस्थान को हस्तांतरित की जाएगी। जलसंस्थान ने बेहतर वितरण व्यवस्था के लिए नया पेयजल टैंक बनाने, वर्तमान स्टाफ की आउटसोर्सिंग का भी आश्वासन दिया। बैठक में ज्वालादेवी वार्ड की सभासद निर्मला दफौटी, नगर पालिका के ईओ राजदेव जायसी, पेयजल समिति अध्यक्ष मंजू बिष्ट, विमला देवी, जगदीश मेहता आदि रहे।