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पलायन से खाली होता जा रहा खाड़ीगांव

Mon, 01 Jan 2018 10:25 PM IST
गणेश उपाध्याय, अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर।
गणेश उपाध्याय, अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर। Updated Mon, 01 Jan 2018 10:25 PM IST
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village going empty from the migration
खाड़ी गांव का दृश्य। - फोटो : अमर उजाला

जिले के सुदूरवर्ती ग्राम पंचायत कपूरी के राजस्व खाड़ी में बुनियादी सुविधाओं का अकाल है। गांव को न तो सड़क से जोड़ा जा सका है और न ही वहां स्वास्थ्य सुविधा के नाम पर एएनएम सेंटर ही है, जबकि नौनिहालों के लिए आंगनबाड़ी केंद्र कब स्थापित होंगे, इसका जवाब भी किसी के पास नहीं है। समस्याओं का समाधान नहीं होने से गांव से लगातार पलायन हो रहा है।

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खाड़ी गांव की समस्या भी विकास से कोसों दूर अन्य गांवों की तरह ही है। गांव में अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के परिवार रहते हैं। बुनियादी सुविधा नहीं होने से अब तक 10 परिवार गांव से पलायन कर बेड़ीनाग, हल्द्वानी और दिल्ली जा चुके हैं। ग्रामीणों ने राजनैतिक दलों पर ठगी का आरोप मढ़ा है। उनका कहना है कि नेता बस चुनावों के समय आते हैं, उसके बाद पांच साल तक दर्शन ही नहीं देते। यही हाल रहा तो उन्हें लोकसभा चुनावों के बहिष्कार के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
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75 बसंत देख चुकी रधुली आमा कहती हैं कि गांव के सड़क से नहीं जुड़ पाने का उन्हें काफी मलाल है। सड़क नहीं होने से पलायन से कई घरों में ताले लगते जा रहे हैं। कहें भी किससे, कोई सुनने वाला तो हो।
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-रधुली देवी।

नेताओं से विकास की आशा तो कम ही है, यदि वह जंगली जानवरों के आतंक से निजात दिला दें तो खेतों से खाने के लिए अनाज और शाकभाजी तो निकलती। जानवरों के आतं के चलते काश्तकारी भी हाथ से जा रही है।
- प्रताप सिंह

 गांव के लिए तीन किमी सड़क होती तो लोगों को अपने उत्पाद बाजार तक ले जाने में सुविधा होती। विकास और रोजगार के नाम पर अलग राज्य की लड़ाई लड़ी, लेकिन इसका आज तक कोई लाभ नहीं मिल सका है।
-सूरज सिंह

गांव में हमने आज तक न तो डीएम देखा और न ही एमपी जबकि विधायक प्रत्याशियों के दर्शन तो चुनाव के दौरान ही होते हैं। हाइस्कूल की पढ़ाई के लिए तीन जबकि इंटर के लिए पांच किमी दूर जाना पड़ता है।

- दीपक सिंह
 
रसोई गैस के सिलेंडर के लिए 200 रुपये का भाड़ा देना पड़ता है। गांव में यदि किसी की तबियत बिगड़ जाती है तो उसे डोली में बैठाकर तीन किमी दूर सड़क तक ले जाने में पसीने छूट जाते हैं।
-जगदीश राम

 

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