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बागेश्वर में सड़क पर किया जाता है चालकों का परीक्षण
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बागेश्वर का एआरटीओ कार्यालय। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। जिले में अब तक सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) का कार्यालय नहीं बन पाया है। किराए के भवन में असुविधाओं के बीच एआरटीओ कार्यालय संचालित हो रहा है। जगह की कमी के कारण कार्यालय संचालन में तो दिक्कत आती ही है। वाहन चालक लाइसेंस के आवेदकों का ट्रायल सड़क पर लेना पड़ता है।
15 सितंबर 1997 को जिला बनने के साथ ही जिला मुख्यालय में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय खुल गया था। शुरूआत में कई वर्षों तक कांडा रोड में एआरटीओ कार्यालय संचालित हुआ। वर्तमान में बागेश्वर-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग के मल्ला बिलौना में किराए के भवन में कार्यालय संचालित होता है।
एआरटीओ कार्यालय परिसर में स्थान के अभाव में परिवहन थाने का भवन नहीं बना है। यातायात जागरूकता केंद्र नहीं बना है। राष्ट्रीय राजमार्ग में वाहन चालक लाइसेंस के लिए आवेदन करने वालों का परीक्षण लेना पड़ता है। परिवहन थाने में यातायात नियमों का पालन न करने वाले वाहन संचालकों के मामलों का पंजीकरण होता है। यातायात जागरूकता केंद्र में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों की काउंसिलिंग की जाती है। काउंसिलिंग न होने तक वाहनों के चालान का निपटारा नहीं होता है। जिले के गाड़गांव में एआरटीओ कार्यालय के लिए जमीन चयनित की गई है लेकिन वन भूमि का हल न होने से भवन बनने का रास्ता साफ नहीं हो पा रहा है।
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एआरटीओ कार्यालय के निर्माण के लिए नगर के कांडा रोड में गाड़गांव के पास 0.89 हेक्टेयर भूमि चयनित है। वन भूमि का प्रस्ताव ऑनलाइन करने के लिए पत्रावली तैयार की जा रही है। इसी सप्ताह वन भूमि की पत्रावली भारत सरकार के नोडल को ऑनलाइन भेज दी जाएगी। वन भूमि हस्तांतरण के बाद कार्यालय निर्माण होगा।
केसी पलड़िया एआरटीओ बागेश्वर।
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15 सितंबर 1997 को जिला बनने के साथ ही जिला मुख्यालय में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय खुल गया था। शुरूआत में कई वर्षों तक कांडा रोड में एआरटीओ कार्यालय संचालित हुआ। वर्तमान में बागेश्वर-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग के मल्ला बिलौना में किराए के भवन में कार्यालय संचालित होता है।
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एआरटीओ कार्यालय परिसर में स्थान के अभाव में परिवहन थाने का भवन नहीं बना है। यातायात जागरूकता केंद्र नहीं बना है। राष्ट्रीय राजमार्ग में वाहन चालक लाइसेंस के लिए आवेदन करने वालों का परीक्षण लेना पड़ता है। परिवहन थाने में यातायात नियमों का पालन न करने वाले वाहन संचालकों के मामलों का पंजीकरण होता है। यातायात जागरूकता केंद्र में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों की काउंसिलिंग की जाती है। काउंसिलिंग न होने तक वाहनों के चालान का निपटारा नहीं होता है। जिले के गाड़गांव में एआरटीओ कार्यालय के लिए जमीन चयनित की गई है लेकिन वन भूमि का हल न होने से भवन बनने का रास्ता साफ नहीं हो पा रहा है।
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एआरटीओ कार्यालय के निर्माण के लिए नगर के कांडा रोड में गाड़गांव के पास 0.89 हेक्टेयर भूमि चयनित है। वन भूमि का प्रस्ताव ऑनलाइन करने के लिए पत्रावली तैयार की जा रही है। इसी सप्ताह वन भूमि की पत्रावली भारत सरकार के नोडल को ऑनलाइन भेज दी जाएगी। वन भूमि हस्तांतरण के बाद कार्यालय निर्माण होगा।
केसी पलड़िया एआरटीओ बागेश्वर।