आपदा की मार से तीन और मकान क्षतिग्रस्त
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आपदा की मार से जिले में तीन आवासीय भवन और दो गोशाला क्षतिग्रस्त हो गए हैं। काफलीगैर में गोशाला ढहने से एक मवेशी की मौत हो गई। अनर्सा में जूनियर हाईस्कूल की दीवार टूट गई।
सोमवार को जिला कंट्रोल रूम में तीन और मकान क्षतिग्रस्त होने के मामले दर्ज हुए। बागेश्वर तहसील के अनर्सा गांव में गोविंद राम का आवासीय मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। गांव के जूनियर हाईस्कूल की दीवार टूट गई। इधर, काफलीगैर तहसील में गोशाला ढह गई। इसमें दो बकरियां दब गई। एक मवेशी की मौत हो गई।
गरुड़ तहसील में छटिया गांव में देवेंद्र कुमार का पक्का आवासीय मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया। इसी गांव में गोपाल दत्त का आवासीय मकान और गौशाला क्षतिग्रस्त हो गई। आपदा की सूचना पर राजस्व कर्मियों ने मौका मुआयना कर नुकसान का आकलन किया। दूसरी ओर प्रशासन ने क्षतिग्रस्त मकान की एवज में गैरलेख की प्रभावित पुष्पा देवी, उड़खुली की दीपा देवी को आर्थिक सहायता दी। एसडीएम ने ग्रामीणों से बारिश के मद्देनजर पुराने मकानों में न रहने की अपील की है। जिला रेडक्रास सोसायटी के आलोक पांडे, उमेश जोशी, शंकर लाल टम्टा, दीपक पाठक ने कुलाऊं जाकर आपदा से प्रभावित प्रताप सिंह को कपड़े, कंबल आदि सामग्री दी।
कुंवारी पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम
बागेश्वर। कुंवारी के हालातों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की एक टीम गांव में पहुंच गई है। इसके साथ टीम ने प्रभावित ग्रामीणों का इलाज शुरू कर दिया है। सोमवार को गांव पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सामान्य रोगों से पीड़ित 61 ग्रामीणों का इलाज किया। इसके साथ ही तीन गर्भवती महिलाओं का भी परीक्षण किया गया। तय हुआ कि गर्भवती महिलाओं को प्रसव की तिथि से 15 दिन पहले कपकोट अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। बता दें कि आपदा प्रभावित कुंवारी गांव सड़क से 12 किमी की पैदल दूरी पर है। कपकोट आने के लिए ग्रामीणों को कुल 45 किमी की दूरी तय करनी पड़ती है। बारिश के मार से गांव के मार्ग को जोड़ने वाली बदियाकोट सड़क मलबा आने से लगातार बंद हो रही है।