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ग्रामीणों ने श्रमदान कर पुल बनाना किया शुरू
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर
Updated Wed, 13 Jul 2016 10:10 PM IST
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कपकोट के बेलंग गधेरे में लकड़ी का पुल बनाते लोग
- फोटो : amar ujala
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वर्ष 2012 में नगर पंचायत के वार्ड संख्या चार के बेलंग नाले में आई बाढ़ में गांव की पैदल पुलिया बह गई थी। गधेेरे के तेज बहाव से दिवंगत कांति बल्लभ जोशी का गौशाला और शौचालय बह गया था। आसपास के हिस्सों में भारी भूकटाव हो गया था। पुल बहने से बरसात में ग्रामीणों का घर से बाहर निकलना दूभर हो गया था।
बच्चे भी स्कूल नहीं जा पाते हैं। ग्रामीण शासन प्रशासन से कई बार पुलिया के पुनर्निर्माण और गधेरे से हो रहे कटाव रोकने की गुहार लगा चुके हैं लेकिन उनकी आज तक किसी ने भी नहीं सुनी। ग्रामीणों ने अब गधेरे के ऊपर लकड़ी के कामचलाऊ पुल का निर्माण करना शुरू कर दिया है।
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केवलानंद मिश्रा, प्रयाग दत्त, गिरीश, केदार दत्त जोशी, कैलाश, पूरन और कृष्णानंद जोशी ने कहा कि जो सरकार एक छोटी सी पैदल पुलिया नहीं बना सकती है उससे विकास की उम्मीद करना गलत है।
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