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बीमा कंपनी को देना होगा 19.85 लाख का क्लेम
ब्यूरो, अमर उजाला ब्यूरो/बागेश्वर
Updated Fri, 05 Jun 2015 12:18 AM IST
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उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम ने अपने महत्वपूर्ण फैसले में एक बीमा कंपनी को शिकायतकर्ता को 19.85 लाख रुपये का भुगतान करने के आदेश पारित किए हैं। नगर के जोशी एजेंसी एंड इलेक्ट्रॉनिक्स के स्वामी नारायण दत्त जोशी ने इफ्को टोकियो जनरल इंश्योरेंस कंपनी से अपनी फर्म का 20 लाख रुपये का बीमा कराया था।
उनकी दुकान में चार मार्च-2014 की रात करीब आठ बजे आग लग गई। दुकान बंद होने के कारण उसमें बिजली का शॉर्ट सर्किट हो गया। आग से दुकान में रखे टीवी, फ्रिज, दीवार घड़ी, मोबाइल फोन, टेबल फेन, सीलिंग फेन, पैडस्टल फैन, रिसीवर, रेडियो, होमथिएटर, एलईडी, कंप्यूटर, स्टेबलाइजर, सीएफएल बल्ब आदि सामान समेत बिजली के उपकरण जलकर नष्ट हो गए।
इस घटना में उनकी 27 लाख रुपये की क्षति हुई। दुकान को ठीक कराने में सात लाख रुपये का अतिरिक्त खर्चा आया। शिकायतकर्ता ने पुलिस प्रशासन और संबंधित बीमा कंपनी को तब घटना की सूचना दे दी थी। बीमा कंपनी के सर्वेयर ने मौके पर आकर विधिवत सर्वे किया। सर्वेयर द्वारा मांगे गए सारे दस्तावेज उपलब्ध करा दिए थे।
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सर्वेयर ने दस्तावेजों को सही पाया। कंपनी के सर्वेयर ने अग्निकांड में हुई क्षति का सही आकलन न कर सिर्फ 2.50 लाख रुपये की क्षति होने की सूचना बीमा कंपनी को भेजी। कम आकलन पर उन्होंने बीमा कंपनी को 29 अगस्त 2014 को नोटिस भेजा, लेकिन कंपनी ने नोटिस का न तो कोई जवाब दिया और न ही उसे क्षतिपूर्ति ही दिलाई गई।
शिकायतकर्ता ने फोरम से उपलब्ध तथ्यों के आधार पर बीमित राशि 20 लाख रुपये, मानसिक कष्ट का 50 हजार रुपये और वाद व्यय के रूप में 50 हजार रुपये दिलाने की मांग की। फोरम ने शिकायतकर्ता नारायण दत्त जोशी की शिकायत इफ्को जनरल इंश्योरेंस कंपनी के विरुद्ध एक पक्षीय रूप से स्वीकार की।
फोरम के जिलाध्यक्ष और जिला जज डा. ज्ञानेंद्र शर्मा, फोरम की सदस्य मीना फर्त्याल ने विपक्षी बीमा कंपनी को आदेश दिए कि शिकायतकर्ता को एक माह के भीतर 19.50 लाख रुपये, मानसिक कष्ट का 25 हजार रुपये, वाद व्यय का 10 हजार रुपये समेत कुल 19.85 लाख रुपये का भुगतान करे।
ऐसा न करने पर शिकायतकर्ता को अधिकार होगा कि वह इस फोरम के माध्यम से इस निर्णय का निष्पादित कराकर इस धनराशि को वसूल कर ले।
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उनकी दुकान में चार मार्च-2014 की रात करीब आठ बजे आग लग गई। दुकान बंद होने के कारण उसमें बिजली का शॉर्ट सर्किट हो गया। आग से दुकान में रखे टीवी, फ्रिज, दीवार घड़ी, मोबाइल फोन, टेबल फेन, सीलिंग फेन, पैडस्टल फैन, रिसीवर, रेडियो, होमथिएटर, एलईडी, कंप्यूटर, स्टेबलाइजर, सीएफएल बल्ब आदि सामान समेत बिजली के उपकरण जलकर नष्ट हो गए।
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इस घटना में उनकी 27 लाख रुपये की क्षति हुई। दुकान को ठीक कराने में सात लाख रुपये का अतिरिक्त खर्चा आया। शिकायतकर्ता ने पुलिस प्रशासन और संबंधित बीमा कंपनी को तब घटना की सूचना दे दी थी। बीमा कंपनी के सर्वेयर ने मौके पर आकर विधिवत सर्वे किया। सर्वेयर द्वारा मांगे गए सारे दस्तावेज उपलब्ध करा दिए थे।
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सर्वेयर ने दस्तावेजों को सही पाया। कंपनी के सर्वेयर ने अग्निकांड में हुई क्षति का सही आकलन न कर सिर्फ 2.50 लाख रुपये की क्षति होने की सूचना बीमा कंपनी को भेजी। कम आकलन पर उन्होंने बीमा कंपनी को 29 अगस्त 2014 को नोटिस भेजा, लेकिन कंपनी ने नोटिस का न तो कोई जवाब दिया और न ही उसे क्षतिपूर्ति ही दिलाई गई।
शिकायतकर्ता ने फोरम से उपलब्ध तथ्यों के आधार पर बीमित राशि 20 लाख रुपये, मानसिक कष्ट का 50 हजार रुपये और वाद व्यय के रूप में 50 हजार रुपये दिलाने की मांग की। फोरम ने शिकायतकर्ता नारायण दत्त जोशी की शिकायत इफ्को जनरल इंश्योरेंस कंपनी के विरुद्ध एक पक्षीय रूप से स्वीकार की।
फोरम के जिलाध्यक्ष और जिला जज डा. ज्ञानेंद्र शर्मा, फोरम की सदस्य मीना फर्त्याल ने विपक्षी बीमा कंपनी को आदेश दिए कि शिकायतकर्ता को एक माह के भीतर 19.50 लाख रुपये, मानसिक कष्ट का 25 हजार रुपये, वाद व्यय का 10 हजार रुपये समेत कुल 19.85 लाख रुपये का भुगतान करे।
ऐसा न करने पर शिकायतकर्ता को अधिकार होगा कि वह इस फोरम के माध्यम से इस निर्णय का निष्पादित कराकर इस धनराशि को वसूल कर ले।