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बारिश से ट्रैकिंग रूट पर बना पैदल पुल खतरे की जद में आया

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 23 Aug 2021 12:18 AM IST
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The foot bridge built on the trekking route came under threat due to rain
बागेश्वर के पिंडारी ग्लेशियर मार्ग में खाती के पास स्थित पुल को भूस्खलन से हुआ खतरा पैदा। विज्ञप? - फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। पिंडारी ग्लेशियर ट्रैकिंग रूट वर्ष 2013 की आपदा से अब भी उबर नहीं पाया है। यह ट्रैकिंग रूट कई जगहों पर बदहाल है। हाल में हुई बारिश से इस रूट पर खातीगांव के पास बना पैदल पुल खतरे की जद में आ गया है। पुल की दीवारों के पास तक भूस्खलन हुआ है। तत्काल सुरक्षा के उपाय नहीं हुए तो पुल को नुकसान पहुंच सकता है।
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जिला मुख्यालय से 65 किमी दूर खर्किया से पिंडारी ग्लेशियर ट्रैकिंग रूट प्रारंभ हो जाता है। इसी पैदल मार्ग से लोग ट्रैकिंग पर जाते हैं। खर्किया से पांच किमी दूर खाती गांव के पास बने लोनिवि के पक्के पैदल पुल के पास तक भूस्खलन होने से पुल के लिए खतरा पैदा हो गया है। दो दिन पूर्व पुल के एबटमेंट पास तक भूस्खलन होने से सुरक्षा दीवार ढह गई है। पिछले साल भी पुल से आगे रास्ते की दीवार क्षतिग्रस्त हुई थी, लेकिन उसकी अब तक मरम्मत नहीं हुई है।
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इस बार पुल के पास तक भूस्खलन होने से यह खतरे की जद में आ गया है। स्थानीय निवासी पूरन सिंह ने बताया कि भूस्खलन से पुल खतरे की जद में है। तत्काल सुरक्षा के उपाय नहीं किए गए तो बरसात में पुल को भी नुकसान हो सकता है। कहा कि वर्ष 2013 की आपदा से हुए नुकसान की अब तक भरपाई नहीं हो पाई है।
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कोट
यह पुल खातीगांव के पास स्थित है। पिछले साल भी इस स्थान पर भूस्खलन हुआ था। रास्ते की मरम्मत के लिए आपदा मद में 12 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा था। बजट आवंटित नहीं हो पाया। ताजा भूस्खलन से पुल के एबटमेंट को फिलहाल कोई खतरा नहीं है। एबटमेंट के पास कठोर चट्टान है। मैं स्वयं मौके का मुआयना करूंगा। पुल की सुरक्षा के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
एसके पांडेय ईई लोनिवि कपकोट डिवीजन
अभी भी नहीं खुल पाई हैं दो सड़कें, लोग परेशान
बागेश्वर। बागेश्वर जिले में गरुड़ तहसील के कंधार से लोहागड़ी जाने वाली सड़क पर 33 दिन से और बिजोरीझाल-ओखलसों सड़क पर 23 दिन से बंद हैं। इन सड़कों के बंद होने से करीब 10 हजार की आबादी प्रभावित है।
कंधार-लोहागड़ी सड़क की पहले किमी में गोमती नदी पर पुल न होने से नदी तल से वाहनों का संचालन होता है। बरसात में नदी का जलस्तर बढ़ने से अक्सर यातायात बाधित रहता है। सड़क पर बीते 21 जुलाई से वाहनों का आवागमन बाधित है। ट्रांशिपमेंट के जरिये लोग आवाजाही कर रहे हैं। इस स्थान पर पुल बन गया है। पुल के अवशेष कार्य किए जा रहे हैं। जल्द ही पुल से वाहनों की आवाजाही शुरू हो जाएगी। यह सड़क कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त है, जिस कारण आवागमन में और दिक्कत आ रही है। बिजोरीझाल-ओखलसों सड़क बीते 31 जुलाई से बंद है। सड़क कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त है। सड़क की मरम्मत का कार्य चल रहा है। सड़कों के बंद होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सामान सिरपर ढोना पड़ रहा है। (संवाद)

अल्मोड़ा में एक ग्रामीण मोटरमार्ग बंद
अल्मोड़ा। जिले में एक ग्रामीण मोटरमार्ग अभी बंद है। आपदा कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार पिछले दिनों में हुई बारिश से जटेश्वर मोटरमार्ग रविवार को भी बंद रहा। रविवार शाम तक मोटरमार्ग के संचालित होने की उम्मीद जताई जा रही है। नगर का अधिकतम तापमान रविवार को 28 डिग्री रहा।(संवाद)
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