{"_id":"68e7fb88551b6cfcd0034e5b","slug":"thalaiva-meditates-at-pandavkholi-bageshwar-news-c-232-1-ha11012-134906-2025-10-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bageshwar News: थलाइवा ने पांडवखोली में लगाया ध्यान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bageshwar News: थलाइवा ने पांडवखोली में लगाया ध्यान
Thu, 09 Oct 2025 11:44 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Thu, 09 Oct 2025 11:44 PM IST
विज्ञापन
महावतार बाबा जी की गुफा के द्वार के पास बैठे रजनीकांत।
द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। दक्षिण भारतीय फिल्मों के सुपरस्टार और करोड़ों दिलों की धड़कन रजनीकांत एक बार फिर उत्तराखंड की शांत वादियों में पहुंचे। इस बार भी उनका गंतव्य रहा अध्यात्म और रहस्य से ओत-प्रोत पांडवखोली जहां उन्होंने महावतार बाबा की गुफा में पहुंचकर ध्यान साधना की।
रजनीकांत बुधवार देर शाम गढ़वाल प्रवास के बाद द्वाराहाट पहुंचे। उनका यह दौरा पूरी तरह गोपनीय रखा गया। उन्होंने अपने पुराने मित्र बीएस हरिमोहन के आवास पर रात्रि विश्राम किया और बृहस्पतिवार सुबह योगदा सत्संग आश्रम के संचालकों से भेंट कर आश्रम परिसर में कुछ समय ध्यान साधना की।
इसके बाद वह कुकुछीना से लगभग ढाई किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई पार कर महावतार बाबा की तपोभूमि के रूप में प्रसिद्ध पांडवखोली पहुंचे।
उन्होंने कुछ देर तक मौन साधना और ध्यान किया। रजनीकांत की पांडवखोली से जुड़ी आस्था कोई नई नहीं है। वर्ष 2002 में वह पहली बार यहां पहुंचे थे। इसके बाद से वह समय-समय पर महावतार बाबा की गुफा में ध्यान लगाने आते रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
रजनीकांत बुधवार देर शाम गढ़वाल प्रवास के बाद द्वाराहाट पहुंचे। उनका यह दौरा पूरी तरह गोपनीय रखा गया। उन्होंने अपने पुराने मित्र बीएस हरिमोहन के आवास पर रात्रि विश्राम किया और बृहस्पतिवार सुबह योगदा सत्संग आश्रम के संचालकों से भेंट कर आश्रम परिसर में कुछ समय ध्यान साधना की।
विज्ञापन
इसके बाद वह कुकुछीना से लगभग ढाई किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई पार कर महावतार बाबा की तपोभूमि के रूप में प्रसिद्ध पांडवखोली पहुंचे।
उन्होंने कुछ देर तक मौन साधना और ध्यान किया। रजनीकांत की पांडवखोली से जुड़ी आस्था कोई नई नहीं है। वर्ष 2002 में वह पहली बार यहां पहुंचे थे। इसके बाद से वह समय-समय पर महावतार बाबा की गुफा में ध्यान लगाने आते रहे हैं।
विज्ञापन