फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Bageshwar News ›   supi village is idol only by name

महज नाम का ही आदर्श है सूपी गांव

Mon, 04 Jun 2018 12:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर।
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर। Updated Mon, 04 Jun 2018 12:12 AM IST
विज्ञापन
supi village is idol only by name
सांसद आदर्श गांव सूपी। - फोटो : अमर उजाला
सांसद के गोद लेने के बाद भी बागेश्वर जनपद के अति दुर्गम सूपी गांव के हाल कुपोषित बच्चे जैसे ही रह गए। आदर्श गांव घोषित होने के तीन साल बाद भी ग्रामीणों को बैंक, अस्पताल की सुविधा नहीं मिल सकी है। गांव महज नाम का ही आदर्श है। यहां का राजकीय इंटर कॉलेज पांच शिक्षकों के भरोसे चल रहा है। अधिकांश परिवारों को जरूरत का पानी तक नहीं मिल पाता है। सीसी मार्ग नहीं बनने से आज भी ग्रामीण खड़ंजों में ही आवाजाही करते हैं।    
विज्ञापन

   
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सांसद आदर्श गांव योजना के तहत बागेश्वर जनपद के दुर्गम स्थित सूपी गांव को वर्ष 2015 में पूर्व सांसद एवं कपड़ा राज्य मंत्री अजय टम्टा ने गोद लिया था। उस वक्त शुरू हुई कवायद से क्षेत्र के लोगों को गांव के विकास की उम्मीद थी लेकिन चार साल बाद भी गांव के हालात नहीं बदले हैं। गांव में विकास की जो तस्वीर आज से चार साल पहले थी वही आज भी है।        
विज्ञापन


लगभग 436 परिवार और 2200 की आबादी वाला सूपी गांव तीन अलग-अलग तोकों मल्ला सूपी, तल्ला सूपी के अलावा तलाई, कनसात तोक में बसा है। कहीं आपस में चिपके मकान तो कहीं पर छितराए मकानों तक जाने के लिए आज भी खड़ंजा मार्ग ही है। तल्ला सूपी सड़क से लगा हुआ है जबकि मल्ला सूपी तक पहुंचने के लिए एक किमी की खड़ी चढ़ाई चढ़नी पड़ती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ग्रामीणों ने बताया कि गांव तक लिंक रोड बनाने का आश्वासन दिया गया था लेकिन वह कोरा साबित हुआ। गांव में फोन, इंटरनेट की सुविधा तो है लेकिन बिजली 24 घंटे में सिर्फ पांच घंटा ही मिलती है। पानी की समस्या भी जस की तस है। योजनाएं खस्ताहाल होने से नलों में जरूरत का पानी नहीं आता है।

लगभग सभी घरों में शौचालय बने हैं लेकिन पानी नहीं होने से सफाई में दिक्कतें होती हैं। ग्रामीण घरों के कूड़े-करकट का स्वयं निस्तारण करते हैं इसलिए गांव में गंदगी की समस्या नहीं है। गांव के किसानों को बीज, खाद, उपकरण मुहैया कराने से कृषि क्षेत्र में थोड़ा सुधार हुआ है। 

आसान नहीं है सूपी गांव तक पहुंचना        
बागेश्वर। सांसद आदर्श गांव सूपी की दूरी जिला मुख्यालय से 49 जबकि कपकोट से 24 किमी है। सौंग से आगे सड़क बेहद खस्ताहाल है। मुनार से सूपी तक कच्ची सड़क है। बेदद संकरी और गड्ढायुक्त सड़क एक स्थान पर पहाड़ी के दरकने से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। तीव्र मोड़ों पर बड़े-बड़े बोल्डर हवा में लटक रहे हैं। हल्की बारिश होते ही मिट्टी से रुके इन बोल्डरों के खिसकने का खतरा बना हुआ है। लोग जान हथेली पर रखकर आवाजाही करने को मजबूर हैं। गांव की ओर सड़क के कुछ हिस्से में डामर हुआ है। गांव की पूर्व प्रधान तारा टाकुली कहती हैं कि सड़क में हो रहे स्लाइड को रोकने के लिए इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। बरसात में सड़क के बंद रहने से पैदल आना-जाना पड़ता है।        
गाइड लाइन के अनुसार नहीं हुआ विकास       
बागेश्वर। सांसद आदर्श गांव की गाइड लाइन के अनुसार गांव में बैंक, अस्पताल, इंटरनेट सुविधा, सड़क सहित तमाम सुविधाएं होनी चाहिए जबकि सूपी गांव की बात की जाए तो यहां पर कोई भी विशेष सुविधा लोगों को मुहैया नहीं है। आज तक न तो गांव में बैंक की शाखा खुली और न ही अस्पताल। बैंकिंग व चिकित्सा के लिए ग्रामीणों को कपकोट जाना पड़ता है। महिला मंगल दल की अध्यक्षा मीरा टाकुली बताती हैं कि आपात चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने से बीमार, गर्भवती महिलाओं को डोली में रखकर सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। ऐसे में उनकी जान को जोखिम रहता है। गांव तक सड़क नहीं बनने से 150 रुपये भाड़ा देकर खच्चरों पर या पीठ पर खाद्यान्न, अन्य जरूरतों का सामना लाना पड़ता है।        

सांसद आदर्श गांव घोषित होने के बाद गांव में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम हुआ है। गांव में विकास के कार्यक्रम जारी हैं। ग्रामीणों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए योजनाएं बनी हैं। कृषि क्षेत्र में सुधार किया गया है। विकास एक निरंतर प्रक्रिया है। जो भी कमियां हैं उनको दूर किया जाएगा।        

- केएन तिवारी, जिला विकास अधिकारी, बागेश्वर।        

-सांसद आदर्श गांव सूपी के विकास को लेकर गंभीर प्रयास हुए हैं। गांव के लिए पेयजल योजनाएं बनाई गई हैं। शत प्रतिशत शौचालय बनाए जा चुके हैं। संचार सुविधा उपलब्ध है। कृषि में अच्छा सुधार हुआ है। अन्य जो भी कार्य शेष हैं उन्हें पूरा कर ग्रामीणों को सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।  
- अजय टम्टा, सांसद एवं कपड़ा राज्य मंत्री
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed