{"_id":"5dee855b8ebc3e87917046dd","slug":"skeleton-trapped-in-pinder-could-not-be-removed-even-on-the-fourth-day-bageshwar-news-hld3649104160","type":"story","status":"publish","title_hn":"चौथे दिन भी नहीं निकाला जा सका पिंडर में फंसा कंकाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चौथे दिन भी नहीं निकाला जा सका पिंडर में फंसा कंकाल
विज्ञापन
किलपारा गांव कपकोट की पिंडर नदी में फंसे कंकाल को निकालने का प्रयास करते ग्रामीण।
- फोटो : BAGESHWAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कपकोट/बागेश्वर। कपकोट क्षेत्र में चार दिन में दो कंकाल मिले हैं। इनमें एक कंकाल सोमवार को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल से एसटीएच हल्द्वानी भेज दिया गया जबकि दूसरे कंकाल को चौथे दिन भी पिंडर नदी से नहीं निकाला जा सका है। हालांकि वहां से मिली स्वेटर से उसके स्थानीय होने का अंदेशा लगाया जा रहा है।
मल्ला दानपुर के ग्राम किलपारा गेहूंपाटा निवासी बुजुर्ग प्रताप सिंह पुत्र स्व. आलम सिंह 11 दिन से लापता हैं। परिजनों ने उनकी गुमशुदगी दर्ज करवाई है। चार दिन पूर्व गांव वालों ने पिंडर नदी में एक पत्थर के नीचे कंकाल अटका देखा। उन्होंने इसकी सूचना पुलिस और जिला पंचायत अध्यक्ष बसंती देव, ब्लॉक प्रमुख गोविंद सिंह दानू को दी। तब से पुलिस समेत एसडीआरएफ की टीम मौके पर भेजी गई है, लेकिन पिंडर नदी में बहाव तेज होने और पानी बर्फीला होने के कारण चार दिन बाद भी कंकाल को नहीं निकाला जा सका है। कंकाल चट्टान के नीचे फंसा होने के कारण एसडीआरएफ मात्र एक स्वेटर ही निकाल सकी है। ब्लॉक प्रमुख दानू ने बताया कि यह स्वेटर प्रताप सिंह की ही है। उन्होंने डीएम रंजना राजगुरु से वार्ता कर देहरादून से टीम बुलाकर कंकाल निकालने की मांग की है।
कपकोट के कोतवाल टीआर वर्मा ने बताया कंकाल को निकालने के लिए मंगलवार को पोकलैंड मंगाई गई है ताकि नदी का बहाव बदलकर कंकाल को निकाला जा सके। वहीं कपकोट के ही ग्राम गैरखेत के पास जरगाड़ के गधेरे में शनिवार को एक पहाड़ी के नीचे भी माहभर पुराना कंकाल मिला था। कंकाल से मिली जींस से पुलिस ने कंकाल के पुरुष का होने की आशंका जताई है। पंचनामा पोस्टमार्टम के बाद यह कंकाल रविवार को जिला अस्पताल भेजा गया लेकिन संसाधनों की कमी के कारण यहां कंकाल का पोस्टमार्टम नहीं हो सका। इसलिए सोमवार को उसे एसटीएच हल्द्वानी भेज दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
मल्ला दानपुर के ग्राम किलपारा गेहूंपाटा निवासी बुजुर्ग प्रताप सिंह पुत्र स्व. आलम सिंह 11 दिन से लापता हैं। परिजनों ने उनकी गुमशुदगी दर्ज करवाई है। चार दिन पूर्व गांव वालों ने पिंडर नदी में एक पत्थर के नीचे कंकाल अटका देखा। उन्होंने इसकी सूचना पुलिस और जिला पंचायत अध्यक्ष बसंती देव, ब्लॉक प्रमुख गोविंद सिंह दानू को दी। तब से पुलिस समेत एसडीआरएफ की टीम मौके पर भेजी गई है, लेकिन पिंडर नदी में बहाव तेज होने और पानी बर्फीला होने के कारण चार दिन बाद भी कंकाल को नहीं निकाला जा सका है। कंकाल चट्टान के नीचे फंसा होने के कारण एसडीआरएफ मात्र एक स्वेटर ही निकाल सकी है। ब्लॉक प्रमुख दानू ने बताया कि यह स्वेटर प्रताप सिंह की ही है। उन्होंने डीएम रंजना राजगुरु से वार्ता कर देहरादून से टीम बुलाकर कंकाल निकालने की मांग की है।
विज्ञापन
कपकोट के कोतवाल टीआर वर्मा ने बताया कंकाल को निकालने के लिए मंगलवार को पोकलैंड मंगाई गई है ताकि नदी का बहाव बदलकर कंकाल को निकाला जा सके। वहीं कपकोट के ही ग्राम गैरखेत के पास जरगाड़ के गधेरे में शनिवार को एक पहाड़ी के नीचे भी माहभर पुराना कंकाल मिला था। कंकाल से मिली जींस से पुलिस ने कंकाल के पुरुष का होने की आशंका जताई है। पंचनामा पोस्टमार्टम के बाद यह कंकाल रविवार को जिला अस्पताल भेजा गया लेकिन संसाधनों की कमी के कारण यहां कंकाल का पोस्टमार्टम नहीं हो सका। इसलिए सोमवार को उसे एसटीएच हल्द्वानी भेज दिया गया।
विज्ञापन