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सिद्धार्थ यूपीएससी में सफल, भदोरा गांव में जश्न
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सिद्धार्थ धपोला।
- फोटो : BAGESHWAR
कांडा/बागेश्वर। कांडा तहसील के भदौरा गांव निवासी सिद्धार्थ धपोला ने 163 वीं रैंकिंग के साथ संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा उत्तीर्ण की है। पिछली बार उन्होंने 255वीं रैंक के साथ परीक्षा पास की थी। उन्हें इंडियन रेवन्यू सर्विस (आईआरएस) मिला था। इस समय वह शिमला में आईआरएस का प्रशिक्षण ले रहे हैं। सिद्धार्थ के पिता आईटीबीपी दिल्ली में इंस्पेक्टर हैं। बेटे की उपलब्धि पर परिवार के साथ ही गांव में जश्न का माहौल है।
भदौरा निवासी विपिन चंद्र धपोला और मुन्नी धपोला के घर 25 जनवरी 1993 को जन्मे सिद्धार्थ बचपन से ही पढ़ाई में अव्वल रहे। सिद्धार्थ धपोला की कक्षा एक से 12वीं तक की शिक्षा केंद्रीय विद्यालय दिल्ली में हुई। उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिक विश्वविद्यालय से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया। बीटेक करने के बाद वह यूपीएससी परीक्षा की तैयारी में जुट गए थे।
भदोरा के लाल की उपलब्धि पर समूचे क्षेत्र में खुशी व्याप्त है। फोन पर हुई बातचीत में सिद्धार्थ के पिता विपिन चंद्र धपोला ने बताया कि बेटे को गांव से काफी लगाव है। वह साल में एक बार जरूर गांव जाता है। इस साल कोरोना के कारण वे लोग गांव नहीं आ पाए। सिद्धार्थ का ननिहाल दुग-नाकुरी तहसील के किरोली गांव में है।
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भदौरा निवासी विपिन चंद्र धपोला और मुन्नी धपोला के घर 25 जनवरी 1993 को जन्मे सिद्धार्थ बचपन से ही पढ़ाई में अव्वल रहे। सिद्धार्थ धपोला की कक्षा एक से 12वीं तक की शिक्षा केंद्रीय विद्यालय दिल्ली में हुई। उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिक विश्वविद्यालय से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया। बीटेक करने के बाद वह यूपीएससी परीक्षा की तैयारी में जुट गए थे।
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भदोरा के लाल की उपलब्धि पर समूचे क्षेत्र में खुशी व्याप्त है। फोन पर हुई बातचीत में सिद्धार्थ के पिता विपिन चंद्र धपोला ने बताया कि बेटे को गांव से काफी लगाव है। वह साल में एक बार जरूर गांव जाता है। इस साल कोरोना के कारण वे लोग गांव नहीं आ पाए। सिद्धार्थ का ननिहाल दुग-नाकुरी तहसील के किरोली गांव में है।
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