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मलबा आने से जिले के सात मोटर मार्ग बंद, लोगों की मुसीबतें बढ़ी
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क्षतिग्रस्त कठायतबाड़ा- ठाकुरद्वारा पैदल मार्ग।
- फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। मलबा आने से जिले में सात सड़कें अभी भी बंद हैं। जिसके चलते लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इधर नगर के लोक निर्माण विभाग से ठाकुरद्वारा को जोड़ने वाला पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया है। लोगों को आवाजाही करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
पोथिंग-शोभाकुंड मोटर मार्ग भारी मलबा आने से नौ दिन से बंद पड़ा है। इस सड़क के अभी खुलने के आसार नहीं दिख रहे हैं। कपकोट-कर्मी-बघर, कपकोट-कर्मी-तोली मोटर मार्ग पांच दिनों से बंद हैं। डंगोली-कलानी मोटर मार्ग पर कलवर्ट क्षतिग्रस्त हो गया है। जिससे इस पर बड़े वाहनों की आवाजाही बंद है। इसके अलावा कपकोट-पोलिंग, रीमा-सनेती-बैकुड़ी मोटर मार्ग शनिवार से बंद पड़ी हुई है।
इधर नगर के कठायतबाड़ा के लोक निर्माण विभाग कालोनी से ठाकुरद्वारा को जोड़ने वाला पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया है। इस कारण आम लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सरयू नदी का जल स्तर 65.75 मीटर तक पहुंच गया है जबकि खतरे का निशान 870.70 मीटर पर है। गोमती नदी का जल स्तर 862.90 मीटर तक पहुंच गया है जबकि खतरे का निशान 870.70 मीटर पर है।
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पोथिंग-शोभाकुंड मोटर मार्ग भारी मलबा आने से नौ दिन से बंद पड़ा है। इस सड़क के अभी खुलने के आसार नहीं दिख रहे हैं। कपकोट-कर्मी-बघर, कपकोट-कर्मी-तोली मोटर मार्ग पांच दिनों से बंद हैं। डंगोली-कलानी मोटर मार्ग पर कलवर्ट क्षतिग्रस्त हो गया है। जिससे इस पर बड़े वाहनों की आवाजाही बंद है। इसके अलावा कपकोट-पोलिंग, रीमा-सनेती-बैकुड़ी मोटर मार्ग शनिवार से बंद पड़ी हुई है।
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इधर नगर के कठायतबाड़ा के लोक निर्माण विभाग कालोनी से ठाकुरद्वारा को जोड़ने वाला पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया है। इस कारण आम लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सरयू नदी का जल स्तर 65.75 मीटर तक पहुंच गया है जबकि खतरे का निशान 870.70 मीटर पर है। गोमती नदी का जल स्तर 862.90 मीटर तक पहुंच गया है जबकि खतरे का निशान 870.70 मीटर पर है।
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