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शिखर मूलनारायण, अलखनाथ मंदिर समेत 27 धार्मिक स्थल पर्यटन सर्किट से जुड़ेंगे
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बागेश्वर का शिखर पर्वत पर स्थित मूल नारायण मंदिर। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। जिले के विख्यात धार्मिक स्थल शिखर पर्वत पर स्थित मूलनारायण मंदिर, किलपारा के अलखनाथ मंदिर, कांडा के शिव मंदिर शिव गुफा, दोफाड़ के नंदी देवी मंदिर के साथ ही सात धार्मिक स्थल पर्यटन सर्किट से जुड़ेंगे। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप इन धार्मिक स्थलों को पर्यटन सर्किट से जोड़ने की कवायद शुरू हो गई है।
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2021 में शिखर मूलनारायण मंदिर, किलपारा के अलखनाथ मंदिर, कांडा के शिव मंदिर शिव गुफा, दोफाड़ के नंदी देवी मंदिर, भनार के बज्यैण मंदिर, कांडा के सिमकुनाघटवरिया मंदिर, ढाईईजर के बज्यैण मंदिर को पर्यटन सर्किट से जोड़कर विकसित करने की घोषणा की थी। इसके तहत मंदिरों के सौंदर्यीकरण के साथ ही सुविधाओं का विस्तार किया जाना है।
प्रदेश के संस्कृति विभाग ने इन मंदिरों को पर्यटन सर्किट से जोड़ने के लिए प्रस्ताव तैयार करने की जिम्मेदारी ग्रामीण निर्माण विभाग (आरडब्ल्यूडी) को सौंपी है। आरडब्ल्यूडी ने मंदिरों का आगणन बनाने की कार्यवाही शुरू कर दी है। मंदिरों के पर्यटन सर्किट से जुड़ने से जिले में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। पर्यटन सर्किट से जुड़ने के साथ ही यह धाम प्रदेश और देश के पर्यटन मानचित्र में भी शामिल हो जाएंगे। शिव मंदिर सुंदर गुफा के प्रधान पुजारी अर्जुन सिंह माजिला का कहना है कि सातों धामों को पर्यटन सर्किट से जोड़ने का काम जल्द से जल्द शुरू किया जाना चाहिए ताकि इन स्थलों को विकास हो सके और श्रद्धालु, सैलानी इन मंदिरों का दीदार कर सकें। धार्मिक स्थलों के पर्यटन सर्किट से जुड़ने से स्थानीय लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
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सीएम की घोषणा के अनुरूप मंदिरों के सर्वेक्षण का कार्य शुरू कर दिया गया है।18 जून को शिखर मूल नारायण मंदिर और 19 जून को अलखनाथ मंदिर किलपारा का निरीक्षण कर सर्वेक्षण कार्य किया गया। आगणन गठित करने का काम प्रगति पर है।
रमेश चंद्रा ईई आरडब्ल्यूडी बागेश्वर
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मुख्यमंत्री ने वर्ष 2021 में शिखर मूलनारायण मंदिर, किलपारा के अलखनाथ मंदिर, कांडा के शिव मंदिर शिव गुफा, दोफाड़ के नंदी देवी मंदिर, भनार के बज्यैण मंदिर, कांडा के सिमकुनाघटवरिया मंदिर, ढाईईजर के बज्यैण मंदिर को पर्यटन सर्किट से जोड़कर विकसित करने की घोषणा की थी। इसके तहत मंदिरों के सौंदर्यीकरण के साथ ही सुविधाओं का विस्तार किया जाना है।
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प्रदेश के संस्कृति विभाग ने इन मंदिरों को पर्यटन सर्किट से जोड़ने के लिए प्रस्ताव तैयार करने की जिम्मेदारी ग्रामीण निर्माण विभाग (आरडब्ल्यूडी) को सौंपी है। आरडब्ल्यूडी ने मंदिरों का आगणन बनाने की कार्यवाही शुरू कर दी है। मंदिरों के पर्यटन सर्किट से जुड़ने से जिले में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। पर्यटन सर्किट से जुड़ने के साथ ही यह धाम प्रदेश और देश के पर्यटन मानचित्र में भी शामिल हो जाएंगे। शिव मंदिर सुंदर गुफा के प्रधान पुजारी अर्जुन सिंह माजिला का कहना है कि सातों धामों को पर्यटन सर्किट से जोड़ने का काम जल्द से जल्द शुरू किया जाना चाहिए ताकि इन स्थलों को विकास हो सके और श्रद्धालु, सैलानी इन मंदिरों का दीदार कर सकें। धार्मिक स्थलों के पर्यटन सर्किट से जुड़ने से स्थानीय लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
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सीएम की घोषणा के अनुरूप मंदिरों के सर्वेक्षण का कार्य शुरू कर दिया गया है।18 जून को शिखर मूल नारायण मंदिर और 19 जून को अलखनाथ मंदिर किलपारा का निरीक्षण कर सर्वेक्षण कार्य किया गया। आगणन गठित करने का काम प्रगति पर है।
रमेश चंद्रा ईई आरडब्ल्यूडी बागेश्वर